राष्ट्र निर्माण की प्रयोगशाला होते हैं विद्यालय : यतीन्द्र

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राष्ट्र निर्माण की प्रयोगशाला होते हैं विद्यालय : यतीन्द्र


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राष्ट्र निर्माण की प्रयोगशाला होते हैं विद्यालय : यतीन्द्र


राष्ट्र निर्माण की प्रयोगशाला होते हैं विद्यालय : यतीन्द्र


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राष्ट्र निर्माण की प्रयोगशाला होते हैं विद्यालय : यतीन्द्र


गोरखपुर, 28 फ़रवरी (हि.स.)। विवेकपुरम (फुलवरिया) स्थित शताब्दी सरस्वती शिशु मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शनिवार काे नवीन विद्यालय भवन का भव्य लोकार्पण एवं रामचरितमानस पाठ का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, अनुशासन और सांस्कृतिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ। प्रातः 11:30 बजे आरंभ हुए इस कार्यक्रम में शिक्षा और संस्कार के समन्वय का प्रेरक दृश्य उपस्थित जनसमूह ने देखा।

कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना एवं सरस्वती वंदना से हुआ। छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत वंदे भारती नृत्य, कुटुंब प्रबोधन, राष्ट्रभक्ति पर आधारित नृत्य-नाटक तथा वंदे मातरम् की सामूहिक प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को राष्ट्रभावना से ओतप्रोत कर दिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में भारतीय परंपरा, पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक एकात्मता का प्रभावी संदेश दिया गया।

नवीन भवन का लोकार्पण मुख्य अतिथि विद्या भारती के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री यतीन्द्र के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि विद्यालय राष्ट्र निर्माण की प्रयोगशाला होते हैं, जहाँ से संस्कारित और चरित्रवान नागरिक तैयार होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्रनिष्ठा को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।

विशिष्ट अतिथि के रूप में विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री हेमचंद्र ने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह नवीन भवन विद्यार्थियों के शैक्षिक और नैतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने विद्यालय परिवार के समर्पण की सराहना की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विष्णु प्रसाद अजीतसरिया, निदेशक वी. एन. डायर्स ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने विद्यालय की निरंतर प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि यह भवन केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के सपनों का आधार है।

इस अवसर पर संरक्षक डॉ. महेंद्र अग्रवाल, मंत्री राकेश कुमार मौर्य (गोपाल शिक्षा समिति, तुर्कमानपुर, गोरखपुर), अध्यक्ष विजय कुमार जालान (स.शि.म. प्रेमचंद नगर, गोरखपुर) की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। विद्यालय के प्रबंधक रामनाथ गुप्ता ने संस्थान की स्थापना से लेकर अब तक की विकास यात्रा पर प्रकाश डाला। सह प्रबंधक डॉ. अमित सिंह ने आयोजन की सफलता में सहयोग देने वाले सभी व्यक्तियों के प्रति आभार प्रकट किया। प्रधानाचार्य संतोष कुमार दुबे ने अतिथियों एवं अभिभावकों का स्वागत करते हुए विद्यालय परिवार की प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंध समिति के पदाधिकारियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं, अभिभावकों एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की सहभागिता रही। रामचरितमानस पाठ के दौरान वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो उठा। चौपाइयों के सामूहिक उच्चारण से परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया और उपस्थित जनसमूह ने श्रद्धाभाव से सहभागिता की।

समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। यह आयोजन केवल भवन लोकार्पण का कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रसेवा के संकल्प का सशक्त उद्घोष बन गया। विद्यालय परिवार ने विश्वास व्यक्त किया कि नवीन भवन आने वाली पीढ़ियों के सर्वांगीण विकास का केंद्र बनेगा और समाज को संस्कारित नागरिक प्रदान करेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

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