कृषि में डिजिटल तकनीक से बढ़ेगी आय और उत्पादकता : डा. संजय सिंह

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कृषि में डिजिटल तकनीक से बढ़ेगी आय और उत्पादकता : डा. संजय सिंह


कानपुर, 24 मार्च (हि.स.)। कृषि में डिजिटल तकनीकों के प्रभावी उपयोग से किसानों की आय और उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है, बशर्ते इन प्लेटफॉर्म्स का सही तरीके से इस्तेमाल और उनके प्रभाव का मूल्यांकन किया जाए। यह बातें मंगलवार को आईसीएआर-अटारी, जोन-तृतीय, कानपुर में ‘किसान सारथी 2.0’ पर आयोजित एक दिवसीय जागरूकता एवं संवेदनशीलता कार्यशाला के दौरान मुख्य अतिथि डा. संजय सिंह ने कहीं।

कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्रों के वैज्ञानिकों को किसान सारथी प्लेटफॉर्म के बेहतर उपयोग के लिए तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया, जिससे किसानों तक समय पर और सटीक परामर्श पहुंचाया जा सके।

कार्यशाला में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया और किसान सारथी 2.0 के नए फीचर्स की जानकारी प्राप्त की, जिसमें पंजीकृत के साथ-साथ अपंजीकृत किसानों को भी सीधे जुड़ने की सुविधा शामिल है।

इस मंच के माध्यम से कॉल सेंटर, मोबाइल एप और वेब आधारित प्रणाली द्वारा किसानों और वैज्ञानिकों के बीच रियल-टाइम संवाद स्थापित करने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ निदेशक अटारी कानपुर डा. राघवेन्द्र सिंह सहित अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।

अपने स्वागत संबोधन में डा. राघवेन्द्र सिंह ने डिजिटल कृषि विस्तार की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह मंच किसानों को सीधे विशेषज्ञों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रहा है।

उन्होंने जानकारी दी कि देशभर में दो करोड़ 88 लाख से अधिक किसान इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में 89 कृषि विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से 60 लाख से अधिक किसान लाभान्वित हो रहे हैं।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि रमेश कुमार सिंह, डा. अनिल कुमार राय, डा. आर.आर. बर्मन, डा. जी.पी. दीक्षित और डा. वी.के. त्रिपाठी ने भी अपने विचार रखे और कृषि में डिजिटल तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया।

तकनीकी सत्रों में किसान सारथी मोबाइल एप के उपयोग का प्रदर्शन किया गया तथा प्रभावी परामर्श प्रणाली पर चर्चा की गई।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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