डिजिटल लाइब्रेरी से विद्यार्थियों और शोधार्थियों को मिलेंगे बेहतर ज्ञान संसाधन: प्रो. विनय कुमार पाठक
कानपुर, 16 अगस्त (हि.स.)। डिजिटल संसाधनों का विस्तार आज की शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित पुस्तकालय विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अध्ययन एवं शोध के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराते हैं। यह बातें रविवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहीं।
विश्वविद्यालय की गणेश शंकर विद्यार्थी केंद्रीय पुस्तकालय के डिजिटल स्वरूप को मजबूत करने के लिए गोल्डी मसाले और विश्वविद्यालय के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते का उद्देश्य डिजिटल लाइब्रेरी का उन्नयन कर विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को बेहतर अकादमिक संसाधन उपलब्ध कराना है। यह पहल स्वर्गीय लाला रामचंद्र गुप्ता की स्मृति को समर्पित है। कार्यक्रम में गोल्डी मसाले के संस्थापक एवं अध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता की मौजूदगी रही।
समझौते के तहत 50 उपयोगकर्ताओं की क्षमता वाली आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी विकसित की गई है। इसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा के साथ कंप्यूटर, मेज, कुर्सियां और अन्य तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। इस पहल के तहत राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त डिजिटल लाइब्रेरी की अवधारणा को भी जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य साहित्य और भारतीय ज्ञान परंपरा को डिजिटल माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
विश्वविद्यालय के अनुसार, इस सहयोग से पुस्तकालय में तकनीक आधारित और शिक्षार्थी-केंद्रित वातावरण विकसित होगा। इससे अध्ययन, शोध और अकादमिक गतिविधियों के लिए विद्यार्थियों तथा शोधार्थियों को अधिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

