डिजिटल और वित्तीय साक्षरता भी आज की जरूरत है : डॉ. अमित कुमार

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डिजिटल और वित्तीय साक्षरता भी आज की जरूरत है : डॉ. अमित कुमार


कानपुर, 08 सितंबर (हि.स.)। इक्कसवीं सदी में साक्षरता का स्वरूप बदल चुका है। केवल पढ़ना और लिखना जानना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर और वित्तीय साक्षरता भी आज के दौर की जरूरत बन गई है। यह बातें मंगलवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ आर्ट्स, ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज के निदेशक डॉ. अमित कुमार ने कहीं।

विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ आर्ट्स, ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज की ओर से अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके बाद स्कूल के निदेशक डॉ. अमित कुमार ने अतिथियों का तुलसी का पौधा और अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया।

स्वागत उद्बोधन में डॉ. अमित कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में साक्षरता की अवधारणा व्यापक हो गई है। डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा और वित्तीय मामलों की जानकारी भी जरूरी हो गई है। उन्होंने लैंगिक असमानता, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच अंतर तथा तकनीक तक असमान पहुंच को साक्षरता के क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियां बताया।

मुख्य वक्ता प्रो. सुनील कुमार उपाध्याय ने भारतीय सांस्कृतिक परंपरा के संदर्भ में साक्षरता के महत्व पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक, पर्यावरणीय और कानूनी शिक्षा की जानकारी भी जरूरी है। साक्षरता दिवस का उद्देश्य लोगों को शिक्षा और साक्षरता के प्रति जागरूक करने के साथ इसे मानव अधिकारों के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में स्थापित करना है।

उन्होंने कहा कि साक्षर समाज के निर्माण के लिए शिक्षा को प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाना आवश्यक है। साक्षरता व्यक्ति के विकास के साथ ही गरीबी कम करने, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और अपराध में कमी लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। महाविद्यालय विकास प्रकोष्ठ के निदेशक आर. के. द्विवेदी ने कहा कि आधुनिक दौर में केवल डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है।

समाज को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर और आर्थिक साक्षरता के प्रति भी जागरूक होना होगा। उन्होंने बताया कि यूनेस्को ने वर्ष 1966 में प्रत्येक वर्ष आठ सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाने की घोषणा की थी। इस वर्ष दिवस की आधिकारिक विषयवस्तु लोग, ग्रह और समृद्धि के लिए साक्षरता रखी गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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