अटल आवासीय विद्यालय में ‘भारतीय ज्ञान एवं कर्मयोग’ पर संवाद, विद्यार्थियों को चरित्र निर्माण का दिया संदेश
भारतीय ज्ञान केवल पढ़ने अथवा डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं : स्वामी कृष्णानंद झा
मुरादाबाद, 22 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के बिलारी स्थित अटल आवासीय विद्यालय में आनंदघन लोक शिक्षा केंद्र, पुनरुत्थान विद्यापीठ के तत्वावधान में शिक्षकों और छात्र-छात्राओं के बीच ‘भारतीय ज्ञान एवं कर्मयोग’ विषय पर मंगलवार को संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गीता प्रचारक स्वामी कृष्णानंद झा ने भारतीय ज्ञान परंपरा, शिक्षा के उद्देश्य और कर्मयोगी व्यक्तित्व निर्माण के विभिन्न पहलुओं पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से संवाद किया।
स्वामी कृष्णानंद झा ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा केवल पढ़ाई या डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसका उद्देश्य ज्ञान, चरित्र, कर्तव्य और जीवन निर्माण को एक साथ विकसित करना रहा है। उन्होंने भारतीय परंपरा में चतुर्दश विद्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनमें चार वेद, छह वेदांग, न्याय, पुराण, धर्मशास्त्र और मीमांसा शामिल हैं। उन्होंने कहा कि औपनिवेशिक काल में भारतीय शिक्षा व्यवस्था और ज्ञान परंपरा को नुकसान पहुंचा, जिससे शिक्षा का संबंध जीवन-मूल्यों और कर्तव्यबोध से कमजोर हुआ।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ऐसी शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता है, जो विद्यार्थियों को केवल रोजगार के लिए तैयार न करे, बल्कि उनमें चरित्र, संस्कार, कर्तव्यबोध और सेवा-भाव भी विकसित करे। शिक्षा व्यक्ति को परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने तथा उनका निर्वहन करने के लिए प्रेरित करे।
गीता और रामचरितमानस का संदर्भ देते हुए स्वामी कृष्णानंद झा ने कहा कि “कर्मयोगी बनना है तो गीता पढ़ो और चरित्र का निर्माण करना है तो रामचरित पढ़ो।” उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम के जीवन को आदर्श बताते हुए विद्यार्थियों से कर्तव्य, मर्यादा, सेवा और समर्पण के भाव को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने विद्यार्थियों को “भारत को जानो, भारत को मानो, भारतीय बनो” का सूत्र देते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा को समझने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।-----------
हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल

