धर्मशास्त्रों के स्वाध्याय से मनुष्य का जीवन सार्थक हो जाता हैं : प्रदीप मिश्र

धर्मशास्त्रों के स्वाध्याय से मनुष्य का जीवन सार्थक हो जाता हैं : प्रदीप मिश्र
धर्मशास्त्रों के स्वाध्याय से मनुष्य का जीवन सार्थक हो जाता हैं : प्रदीप मिश्र








मुरादाबाद, 16 मई (हि.स.)। अमरोहा गेट स्थित मंदिर श्री कृष्ण जी विराजमान साहू श्री परसादी लाल रस्तोगी में श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह के छठे दिन गुरुवार को रुक्मिणी विवाह का प्रसंग का वर्णन हुआ। इस दौरान विवाह गीतों पर उपस्थित भक्तजन भाव विभोर होकर नृत्य करने लगे।

कथा व्यास आचार्य प्रदीप मिश्र ने कहा कि धर्मशास्त्रों के स्वाध्याय और उन्हें अपने जीवन में उतारने से मनुष्य का जीवन सार्थक हो जाता है। उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा जहां सांसारिक सुख-सुविधाओं का मार्ग प्रशस्त करती है वहीं धर्म शास्त्रों की शिक्षा जीवन जीने की कला सिखाती है और आवागमन के बंधन से मुक्त करती है। उन्होंने आह्वान किया अपने बच्चों को अपनी धर्म-संस्कृति और परंपराओं का ज्ञान अवश्य देना चाहिए। कथा में मुख्य यजमान राजीव रस्तोगी व सीमा रस्तोगी रहे। शुक्रवार को सुदामा चरित्र की कथा होगी।

कार्यक्रम में प्रभात रस्तोगी, डॉ. मनोज रस्तोगी ,दिनेश रस्तोगी, कुलदीप रस्तोगी, शिखा रस्तोगी, सुनीता रस्तोगी ,राखी रस्तोगी, मुकेश रस्तोगी, उमेश रस्तोगी, मधु , निशा, मृदुला, मंजू रस्तोगी शोभा सारिका, सुधा, कुलदीप रस्तोगी, विनय रस्तोगी चंद्र शेखर रस्तोगी, अभिषेक रस्तोगी आदि की सक्रिय भागीदारी रही।

हिन्दुस्थान समाचार/निमित जायसवाल

/सियाराम

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