नवरात्रि पर भक्ति गीतों और नृत्य से गूंजा श्री काशी विश्वनाथ धाम, मंदिर चौक में कलाकारों ने बांधा समां
बसाक सिस्टर्स, अमलेश शुक्ल और आस्था के भजनों ने बनाया भक्तिमय माहौल, वसुंधरा शर्मा के नृत्य समूह की प्रस्तुति ने मोहा मन
वाराणसी। शारदीय नवरात्रि के अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में भक्ति और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मंगलवार को धाम के मंदिर चौक (शंकराचार्य चौक) में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में भक्ति गीतों, भजनों और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। मां भगवती की आराधना को समर्पित इस कार्यक्रम में कलाकारों ने भारतीय संगीत और नृत्य परंपरा की झलक पेश की। सुरमयी भजनों और आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से नवरात्रि के अंतर्गत आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में विभिन्न कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति के साथ भारतीय कला और संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिला।
बसाक सिस्टर्स के भक्ति गीतों से सजी संध्या
सांस्कृतिक कार्यक्रम का संचालन श्वेता श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान बसाक सिस्टर्स ने अपने सहयोगी कलाकारों के साथ भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। मां भगवती की आराधना को समर्पित गीतों ने कार्यक्रम में भक्ति का रंग घोल दिया। कलाकारों ने अपनी गायन शैली के माध्यम से भारतीय भक्ति संगीत की परंपरा को प्रस्तुत किया। मंदिर चौक में आयोजित इस संगीतमय कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं को एक अलग आध्यात्मिक अनुभूति कराई।
वसुंधरा शर्मा के नृत्य समूह ने मोहा मन
भक्ति गीतों के बाद वसुंधरा शर्मा के नृत्य समूह ने अपनी कलात्मक प्रस्तुति से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। नृत्य के माध्यम से भारतीय कला परंपरा और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति की सुंदर झलक देखने को मिली।
कलाकारों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को विविधता प्रदान की। संगीत के साथ नृत्य के समन्वय ने नवरात्रि की सांस्कृतिक संध्या को और आकर्षक बना दिया।
अमलेश शुक्ल और आस्था के भजनों से भक्तिमय हुआ माहौल
कार्यक्रम में भजन गायक अमलेश शुक्ल और आस्था ने अपने सहयोगी कलाकारों के साथ सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों के माध्यम से मां भगवती की आराधना और भक्ति भाव को स्वर दिया गया।
भक्ति संगीत की इन प्रस्तुतियों ने मंदिर चौक के वातावरण को संगीतमय बना दिया। कार्यक्रम में भारतीय संगीत परंपरा के विभिन्न स्वरूपों की झलक देखने को मिली।
नवरात्रि में संस्कृति और आध्यात्मिकता का संगम
श्री काशी विश्वनाथ धाम में नवरात्रि के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से भारतीय संगीत, नृत्य और लोक-सांस्कृतिक परंपराओं को मंच प्रदान किया जा रहा है। मंदिर न्यास का उद्देश्य श्रद्धालुओं को काशी की आध्यात्मिक परंपरा से जोड़ने के साथ भारतीय सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना है। इससे देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना और दर्शन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेने का भी अवसर मिल रहा है।
नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं से जोड़ने की पहल
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उद्देश्य भारतीय कला और सांस्कृतिक धरोहर को प्रोत्साहित करना है। साथ ही नई पीढ़ी को देश की समृद्ध संगीत, नृत्य और लोक परंपराओं से जोड़ने का प्रयास भी किया जा रहा है।
नवरात्रि के अवसर पर आयोजित ये कार्यक्रम श्री काशी विश्वनाथ धाम में आस्था और संस्कृति के संगम को एक नया स्वरूप दे रहे हैं।

