बाल संरक्षण से जुड़े मामलों की समीक्षा, विभागों के बीच समन्वय पर जोर
गोरखपुर, 22 सितंबर (हि.स.)। बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और उनके अधिकारों से जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को रिजर्व पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस सभागार में SJPU (विशेष किशोर पुलिस इकाई) एवं AHT (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) की मासिक समीक्षा एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ के निर्देशन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक अपराध सुधीर जायसवाल ने की।
बैठक में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम-2015 के प्रभावी क्रियान्वयन, बाल संरक्षण से संबंधित मामलों में पुलिस एवं संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय तथा विवेचनाओं में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बाल अधिकारों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने और निर्धारित कानूनी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की ओर से 24 फरवरी 2026 को ‘Rethinking Beggary: Bridging Gaps between Policy, Practice and Dignity’ विषय पर आयोजित ओपन हाउस चर्चा के दौरान प्राप्त सुझावों के अनुपालन पर भी विचार-विमर्श किया गया। भिक्षावृत्ति की समस्या से जुड़े मामलों में नीति, व्यावहारिक कार्रवाई और गरिमा के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की गई।
इसके अलावा विवेचना के दौरान बच्चों की उम्र निर्धारित करने से संबंधित दस्तावेजों में आने वाली समस्याओं पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने उम्र संबंधी प्रमाण-पत्रों और दस्तावेजों के परीक्षण तथा नियमानुसार कार्रवाई से जुड़े बिंदुओं पर विचार किया।
बैठक में मानसिक रूप से विक्षिप्त बालिकाओं के बयान दर्ज कराने तथा उनके सुरक्षित आश्रय एवं आवास की व्यवस्था से संबंधित दिशा-निर्देशों पर भी चर्चा की गई। संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करते हुए बालिकाओं की सुरक्षा और आवश्यक संरक्षण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
बैठक के दौरान थानों पर तैनात बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों एवं विवेचकों के सामने पॉक्सो एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम के तहत आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों पर चर्चा की गई। साथ ही बाल श्रम, भिक्षावृत्ति और मानव तस्करी की रोकथाम, पीड़ित बच्चों के संरक्षण तथा मामलों के समयबद्ध निस्तारण से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न विभागों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष वंदना सिंह, सदस्य डॉ. जय प्रकाश आर्य एवं आर.आर. मिश्रा, श्रम विभाग के श्रम परिवर्तन अधिकारी राजेश कुमार, जिला कारागार गोरखपुर की उपकारापाल कृष्णा कुमारी, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. एन.एल. कुशवाहा एवं डॉ. सुरेंद्र सिंह, माध्यमिक शिक्षा विभाग के जिला विद्यालय निरीक्षक मारकंडेय चौधरी, मानव सेवा संस्थान के निदेशक पुरु मयंक त्रिपाठी, महिला कल्याण विभाग की संरक्षण अधिकारी संगीता सिंह, परिवार परामर्श केंद्र के काउंसलर योगेंद्र गौड़ तथा आरपीएफ के उपनिरीक्षक अमित कुमार उपाध्याय सहित अन्य संबंधित विभागों एवं संस्थाओं के प्रभारी और सदस्य मौजूद रहे।
इसके साथ ही थाना एएचटी के प्रभारी निरीक्षक कमलेश कुमार, एएचटी एवं एसजे पीयू का स्टाफ तथा जनपद के विभिन्न थानों में तैनात बाल कल्याण पुलिस अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, श्रम, महिला कल्याण एवं अन्य संबंधित संस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर बच्चों को समयबद्ध और प्रभावी संरक्षण उपलब्ध कराना रहा। अधिकारियों ने आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए बाल अधिकारों से जुड़े मामलों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष जोर दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

