देवरिया : शुभम ने तैराकी में जीते पांच स्वर्ण पदक, गौरीबाजार का बढ़ाया गौरव

WhatsApp Channel Join Now
देवरिया : शुभम ने तैराकी में जीते पांच स्वर्ण पदक, गौरीबाजार का बढ़ाया गौरव


देवरिया, 11 अगस्त (हि.स.)। जनपद सीतापुर के तरणताल स्टेडियम में मंगलवार को आयोजित अंतरमंडलीय तैराकी बेसिक बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता में गौरीबाजार के उच्च प्राथमिक विद्यालय बरई टोला के छात्र शुभम यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच स्वर्ण पदक अपने नाम किए। उनकी इस उपलब्धि से गौरीबाजार के बेसिक शिक्षा विभाग, विद्यालय परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

शुभम ने प्रतियोगिता की विभिन्न तैराकी स्पर्धाओं में दमदार प्रदर्शन किया। उन्होंने तीन व्यक्तिगत और दो रिले स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक हासिल किए। अंतरमंडलीय स्तर की प्रतियोगिता में पांच स्वर्ण पदक जीतना क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। शुभम की सफलता से विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों में भी उत्साह है।

छात्र की उपलब्धि पर खंड शिक्षा अधिकारी गौरीबाजार विनयशील मिश्र ने शुभम यादव, उनके अभिभावकों और विद्यालय परिवार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को यदि उचित मंच, प्रशिक्षण और निरंतर प्रोत्साहन मिले तो वे जिला, मंडल और प्रदेश स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। उन्होंने खेलों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

विद्यालय के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और विभिन्न शिक्षक संगठनों ने भी शुभम यादव की सफलता पर खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी। शिक्षकों ने कहा कि शुभम की उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है। लगन, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के बल पर विद्यार्थी खेल के क्षेत्र में भी बेहतर मुकाम हासिल कर सकते हैं।

ब्लॉक व्यायाम शिक्षक गंगतेश्वर सिंह ने शुभम की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता छात्र की मेहनत और लगन के साथ अभिभावकों, शिक्षकों तथा बेसिक शिक्षा विभाग के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने प्रतियोगिता के दौरान शुभम का उत्साह बढ़ाने और मार्गदर्शन करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार जताया।

उन्होंने कहा कि विद्यालय स्तर से ही बच्चों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने से ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। शुभम यादव की सफलता ने साबित किया है कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में भी प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत है तो उन्हें उचित प्रशिक्षण, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराने की। शुभम की उपलब्धि से विद्यालय परिवार को भविष्य में भी खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिली है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक

Share this story