आधुनिक जीवन शैली मानसिक बीमारी को बढ़ावा दे रही ; डॉ अनूप कुमार

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आधुनिक जीवन शैली मानसिक बीमारी को बढ़ावा दे रही ; डॉ अनूप कुमार


आधुनिक जीवन शैली मानसिक बीमारी को बढ़ावा दे रही ; डॉ अनूप कुमार


- मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है संवाद और अपनों का साथ : हिमांशु कुमार सिंह

देवरिया, 10 अक्टूबर (हि.स.)। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर रोटरी क्लब देवरिया सदर की ओर से एक स्थानीय होटल में स्वास्थ्य परिचर्चा का आयोजन किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं, उनके कारणों और बचाव के उपायों पर चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि मानसिक तनाव को नजरअंदाज करने के बजाय उसे गंभीरता से लेना चाहिए। परिवार में संवाद, आपसी सहयोग और समय पर विशेषज्ञों की मदद से कई समस्याओं का समाधान संभव है।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. अनूप कुमार श्रीवास्तव, विशिष्ट अतिथि डॉ. विवेक मिश्र, आईटीआई के प्रधानाचार्य केके राम, क्लब अध्यक्ष रोटेरियन राकेश धर द्विवेदी और सचिव रोटेरियन हिमांशु कुमार सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मनीष शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि रागिनी सिंह ने बैज लगाकर और पुष्पगुच्छ देकर उनका अभिनंदन किया।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए रोटेरियन हिमांशु कुमार सिंह ने कहा कि आज आत्महत्या और परिवारों के विघटन से जुड़े मामले सामने आ रहे हैं। इसके पीछे मानसिक तनाव भी एक महत्वपूर्ण कारण हो सकता है। तनाव को गंभीरता से लेते हुए परिवार के सदस्यों के बीच खुलकर बातचीत होनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर डॉक्टरों और विशेषज्ञों से संपर्क कर उचित काउंसलिंग करानी चाहिए।

प्रीति पांडेय ने कहा कि एकाकी जीवनशैली के कारण लोग तनाव में जी रहे हैं।

आईटीआई के प्रधानाचार्य केके राम ने कहा कि भागदौड़ भरी जिंदगी, काम का अतिरिक्त बोझ और खराब जीवनशैली मानसिक समस्याओं के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। ऐसे में काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है।

मुख्य अतिथि एवं मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. अनूप कुमार श्रीवास्तव ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की थीम ‘जीने के अनुभवों को सुना जाए, वास्तविक आवाजें, वास्तविक बदलाव’ पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने कहा कि मानसिक समस्याओं से जूझ रहे व्यक्ति की बात और उसके अनुभवों को ध्यानपूर्वक सुनना बेहद जरूरी है। समाज में मानसिक बीमारी को लेकर फैले कलंक और भेदभाव को दूर करना होगा। उन्होंने बताया कि नींद की समस्या, आत्मविश्वास में कमी, अत्यधिक गुस्सा, बार-बार हाथ धोना, जरूरत से ज्यादा सफाई करना और असामान्य व्यवहार जैसी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में विशेषज्ञ से परामर्श लेना जरूरी है।

इस अवसर पर रोटेरियन इमरान लारी, गोपाल कृष्ण सिंह रामू, प्रभाकर मिश्र, अमित त्रिपाठी, विनोद यादव, मिथिलेश कुशवाहा, विजय सिंह, डॉ. अविनाश चौरसिया, संदीप गुप्ता, सना, संदीप मल्ल, अविनाश सिंह, सुजीत मिश्रा, अविनाश बैरनवाल, पुण्य प्रकाश तिवारी, रणजीत सिंह, अनिल गुप्ता, अजय जायसवाल, सत्येंद्र शुक्ला, राकेश सिंह, विपिन यादव, विजय चौरसिया, तेज पुंज त्रिपाठी और डॉ. अभिनव सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक

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