मातृ शक्ति के लिए संसद में गूंजी देवरिया लोकसभा की आवाज

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मातृ शक्ति के लिए संसद में गूंजी देवरिया लोकसभा की आवाज


देवरिया, 17 अप्रैल (हि.स.)। शुक्रवार को , 131 संविधान संशोधन विधेयक के तहत, नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सदन में कार्यवाही के दौरान, देवरिया लोकसभा के सांसद शशांक मणि ने दमदार अभिभाषण दिया।

उन्होंने अपने संबोधन के बीच कई बार देवरिया और कुशीनगर का नाम लिया, खासकर देवरिया और कुशीनगर की महिला उद्यमियों का नाम लेकर महिला सशक्तिकरण के लिए इस विधेयक को मील का पत्थर बताया। पार्टी की ओर से इस अधिनियम पर बोलने के लिए बीजेपी ने तीन सांसदों को दायित्व दिया, जिसमें देवरिया लोकसभा के सांसद शशांक मणि भी रहे।

शशांक मणि ने अपने संबोधन में कहा कि, यह विधेयक केवल भारत की 50 प्रतिशत आबादी को सशक्त नहीं करेगा, बल्कि यह विकसित भारत की एक नई दिशा भी निर्धारित करेगा। यह विधेयक ऐसा भारत बनाएगा जहां महिलाएं और पुरुष साथ-साथ चलेंगे और समाज में संतुलन बनाए रखते हुए विकास को गति देंगी। सांसद ने इस अधिनियम का समर्थन करते हुए पांच बिंदुओं को रखा, जिसमें उन्होंने बताया कि यह विधेयक महिलाओं की शक्ति को पुनः स्थापित करेगा। यह विधेयक अन्य विधानसभाओं की सामूहिक बुद्धिमत्ता को बदलेगी। यह विधेयक सामूहिक बुद्धिमत्ता के माद्यम से विकसित भारत को नई दिशा देगी।

सासंद ने सदन में कहा कि यह देवरिया और कुशीनगर जैसे जिलों को सशक्त बनाएगी और अंततः यह नया विकास मॉडल, भारत को विश्वबंधु के रूप में स्थापित करेगा। इन पांच बिन्दुओं को सदन के पटल पर रखते हुए उन्होने सदन में बिना आरक्षण के उपस्थित 74 महिला सदस्यों को नमन किया। इसके साथ ही अपनी लोकसभा देवरिया की 15 लाख महिलाओं का भी आभार व्यक्त किया।

उन्होने कहा कि, देवरिया में महिलाओं के लिए एक उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया है, जहां पहले से ही महिलाओं की शक्ति का उपयोग करते हुए “अमृत प्रयास” नामक 10-वर्षीय विकास रणनीति को आगे बढ़ा रहे हैं। हम स्वयं सहायता समूहों को बाजार से जोड़ रहे हैं, जिससे एक नई जागरूकता उत्पन्न हो रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक

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