देवरिया : पारंपरिक खेती छोड़ उद्यानिकी से बढ़ी किसान जय सिंह की आमदनी
देवरिया, 22 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद में विकासखंड के ग्राम कैथवलिया निवासी किसान जयसिंह कुशवाहा ने पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर उद्यानिकी फसलों और आधुनिक तकनीक को अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है। हाईस्कूल तक शिक्षित जयसिंह के पास करीब एक हेक्टेयर कृषि भूमि है। पहले वह धान, गेहूं, मक्का, मसूर और बाजरा जैसी पारंपरिक फसलों की खेती करते थे, लेकिन इससे अपेक्षित आमदनी नहीं हो पा रही थी।
खेती से पर्याप्त आय न होने पर जयसिंह रोजगार की तलाश में खाड़ी देशों में भी गए। वहां आठ से 12 घंटे काम करने के बावजूद मनचाहा परिणाम नहीं मिला तो वह वापस गांव लौट आए और खेती को ही अपना रोजगार बनाने का निर्णय लिया। इसी दौरान ग्राम चौपाल, कृषक मेले और गोष्ठियों के माध्यम से उन्हें उद्यान विभाग की योजनाओं और आधुनिक तकनीकों की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर उद्यानिकी फसलों के उत्पादन और विपणन की जानकारी प्राप्त की।
उद्यान विभाग के सहयोग से जयसिंह ने एक एकड़ में खीरे की खेती शुरू की। इससे उन्हें करीब 75 हजार रुपये का शुद्ध लाभ हुआ, जो पारंपरिक फसलों की तुलना में लगभग दोगुना था। बेहतर परिणाम मिलने के बाद उन्होंने कृषि विविधीकरण को अपनाया और उद्यानिकी फसलों को खेती का प्रमुख हिस्सा बना लिया।
करीब चार वर्ष पूर्व उन्होंने एक हेक्टेयर क्षेत्र में मेड़ पर प्याज और पपीते की सहफसली खेती शुरू की। इससे उन्हें दो लाख रुपये से अधिक की शुद्ध आय हुई। इसके बाद पपीते की बागवानी के साथ अंतरवर्ती फसलों की खेती करने लगे, जिससे प्रति हेक्टेयर दो से तीन लाख रुपये तक की आय प्राप्त होने लगी।
उद्यान विभाग के सहयोग से उन्होंने 500 वर्गमीटर क्षेत्र में शेडनेट हाउस स्थापित किया। इसके अलावा स्वयं पॉलीहाउस तैयार कर उसमें विभिन्न शाकभाजी फसलों की पौध तैयार कर किसानों को उचित मूल्य पर उपलब्ध करा रहे हैं। वर्तमान में ड्रैगन फ्रूट और स्ट्रॉबेरी जैसी नई उद्यानिकी फसलों की पौध भी तैयार कर आसपास के किसानों को उपलब्ध करा रहे हैं।
आधुनिक तकनीक और पौध उत्पादन को अपनाने से जयसिंह की वार्षिक आय छह लाख रुपये से अधिक हो गई है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ और बच्चों की बेहतर शिक्षा में भी मदद मिल रही है। आज वह क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं।
जयसिंह का कहना है कि किसानों को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रहकर बाजार की मांग के अनुसार उद्यानिकी फसलों और आधुनिक तकनीक को अपनाना चाहिए। गुणवत्तापूर्ण पौध, वैज्ञानिक खेती और उचित विपणन के माध्यम से किसान अपनी आय बढ़ाने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर सकते हैं। उनके प्रयासों से क्षेत्र के अन्य किसान भी उद्यानिकी खेती की ओर प्रेरित हो रहे हैं ।
जिला उद्यान अधिकारी कृष्ण कुमार गुप्ता ने बताया कि सरकार द्वारा सुविधाएं उपलब्ध हैं, किसान काम कर रहें हैं। उनकी आय बढ़ती जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक

