डेंगू के डंक ने ली कपड़ा व्यापारी की जान, प्रयागराज में जांच के दौरान हुई डेंगू की पुष्टि

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डेंगू के डंक ने ली कपड़ा व्यापारी की जान, प्रयागराज में जांच के दौरान हुई डेंगू की पुष्टि


बांदा, 15 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में मौसमी बदलाव के बीच वायरल फीवर के बाद अब डेंगू का प्रकोप भी बढ़ने लगा है। तिंदवारी कस्बे में डेंगू से पीड़ित 45 वर्षीय कपड़ा व्यापारी की मौत हो गई। वह करीब एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित था। हालत में सुधार न होने पर परिजन उसे प्रयागराज ले गए, जहां जांच के दौरान डेंगू की पुष्टि हुई। उपचार के दौरान बुधवार को उसकी मौत हो गई। उधर, शहर के मढ़ियानाका निवासी डेंगू पीड़ित 28 वर्षीय युवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कपड़ा व्यापारी की मौत के बाद कस्बे के व्यापारियों में शोक है। वहीं, नगर पंचायत की ओर से फॉगिंग और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव न कराए जाने को लेकर लोगों ने सवाल उठाए हैं।

तिंदवारी कस्बा निवासी गोपाल दास गुप्ता ने बताया कि उनके 45 वर्षीय भाई घनश्यामदास गुप्ता पुत्र मातादीन कपड़ा व्यापारी थे। वह करीब एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित थे। परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार कराया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इस दौरान उनकी प्लेटलेट्स लगातार कम होती गईं। चार दिन पहले परिजन उन्हें प्रयागराज ले गए। वहां जांच के दौरान डेंगू की पुष्टि हुई। उस समय उनकी प्लेटलेट्स घटकर 35 हजार रह गई थीं। गोपाल दास के मुताबिक, घनश्यामदास का लीवर भी प्रभावित हो गया था। उपचार के दौरान बुधवार को उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन गुरुवार को शव लेकर तिंदवारी स्थित घर पहुंच गए।

डेंगू पीड़ित युवक जिला अस्पताल में भर्ती

शहर के मढ़ियानाका निवासी 28 वर्षीय ऋषभ पुत्र ओमप्रकाश भी कई दिनों से बुखार से पीड़ित था। परिजनों ने निजी पैथोलॉजी में उसकी जांच कराई, जिसमें डेंगू की पुष्टि हुई। इसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। मौसम में बदलाव के साथ वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम और सांस संबंधी समस्याओं के मरीज भी अस्पताल पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। वहीं, पैथोलॉजी जांच में डेंगू के मरीज सामने आने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।

फॉगिंग और छिड़काव न होने पर उठे सवाल

तिंदवारी में कपड़ा व्यापारी की मौत के बाद नगर पंचायत की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। व्यापारियों का आरोप है कि कस्बे में मच्छरों से बचाव के लिए न तो नियमित फॉगिंग कराई गई और न ही कीटनाशक दवाओं का छिड़काव हुआ। उनका कहना है कि मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए थे। लोगों ने नगर पंचायत से साफ-सफाई, जलभराव की समस्या दूर करने और मच्छरों के प्रकोप पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चलाने की मांग की है।

मच्छरों से बचाव के लिए बरतें सावधानी

जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ. विनीत सचान ने लोगों को मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करने और घरों के आसपास पानी जमा न होने देने की अपील की। डेंगू से बचाव के लिए कूलर, गमलों, टायरों और अन्य बर्तनों में पानी जमा न होने दें तथा बुखार आने पर चिकित्सक से परामर्श लेकर समय से जांच और उपचार कराएं।

हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह

Livevns.news Desk
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