योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता : जिलाधिकारी

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योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता : जिलाधिकारी


-मुख्यमंत्री के निर्देशों का असर, आवास, पेंशन और राशन योजनाओं में कानपुर बना मिसाल-9 वर्षों में बदला आमजन का जीवन स्तर; सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में

कानपुर, 24 मार्च (हि.स.)। सरकार की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। जनपद में पारदर्शिता और प्रभावी क्रियान्वयन के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि गरीब, मजदूर और जरूरतमंद वर्ग को हर योजना का सीधा लाभ मिले। आने वाले समय में भी ऐसे प्रयास लगातार जारी रहेंगे। यह बातें मंगलवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, ने कही।

पिछले नौ वर्षों में कानपुर की तस्वीर केवल बड़ी इमारतों और मेट्रो से ही नहीं बदली है, बल्कि समाज के उस तबके के जीवन में भी बड़ा सुधार आया है, जो आर्थिक रूप से कमजोर है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जिले में गरीब परिवारों को छत देने से लेकर उनके चूल्हे तक मुफ्त राशन पहुंचाने की दिशा में व्यापक काम हुआ है। मुख्यमंत्री के प्रभावी क्रियान्वयन का ही परिणाम है कि आज कानपुर इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा और गरीब कल्याण के मामले में प्रदेश का अग्रणी जनपद बनकर उभरा है।

--निर्धन परिवारों को को मिली पक्की छत और सम्मानयोगी सरकार ने जनपद के निर्धन परिवारों को सम्मानजनक जीवन देने के लिए 'प्रधानमंत्री आवास योजना' और 'मुख्यमंत्री आवास योजना' को मिशन मोड पर चलाया है। पहले केवल 4,814 परिवारों के पास सरकारी आवास था, वहीं अब यह संख्या साढ़े तीन गुना बढ़कर 15,861 हो गई है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 2,847 अतिरिक्त गरीब परिवारों को पक्की छत दी गई है। स्वच्छता के प्रति मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता के कारण जिले में शौचालय निर्माण का आंकड़ा 51,620 से उछलकर 2,47,913 तक पहुंच गया है।

--मजदूरों का कल्याण और रोजगार की गारंटीमुख्यमंत्री के नेतृत्व में कानपुर के स्थानीय संसाधनों को पुनर्जीवित कर रोजगार के अवसर पैदा किए गए हैं। 'नून नदी' के पुनरुद्धार परियोजना ने न केवल पर्यावरण को सुधारा, बल्कि मनरेगा के माध्यम से 50,020 मानव दिवस सृजित कर गरीब परिवारों को उनके घर के पास ही काम उपलब्ध कराया। इसके अलावा, मुख्यमंत्री के डीबीटी मॉडल ने यह सुनिश्चित किया है कि योजनाओं का एक-एक पैसा सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचे।

--स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा की सौगातमुख्यमंत्री के निर्देश पर 'आयुष्मान भारत योजना' के तहत कानपुर में आठ लाख बावन हजार रुपये से अधिक गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं। जिससे गरीबों को 235 करोड़ रुपये तक का मुफ्त उपचार मिला है। साथ ही, आठ आलेख लाख राशन कार्ड धारकों को 43 लाख क्विंटल से अधिक निःशुल्क खाद्यान्न वितरित कर उनकी रसोई की चिंता दूर की गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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