टाईकॉन यूपी 2026 में डीप-टेक निवेश को मिली नई गति : डॉ. आशुतोष अग्निहोत्री

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टाईकॉन यूपी 2026 में डीप-टेक निवेश को मिली नई गति : डॉ. आशुतोष अग्निहोत्री


कानपुर, 01 मार्च (हि.स.)। आईआईटी कानपुर की शोध क्षमता को संरचित पूंजी और बाज़ार नेटवर्क से जोड़कर डीप-टेक नवाचार को नई गति दी जा रही है। यह बातें रविवार को एसआईआईसी, आईआईटी कानपुर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आशुतोष अग्निहोत्री ने टाईकॉन यूपी 2026 के दौरान कही।

दो दिवसीय टाईकॉन यूपी 2026 के दौरान स्टार्टअप इन्क्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (एसआईआईसी), आईआईटी कानपुर ने डीप-टेक निवेश और रणनीतिक नवाचार संवाद को दिशा देने में केंद्रीय भूमिका निभाई। आयोजन में उत्तर प्रदेश समेत देश के विभिन्न हिस्सों से वेंचर कैपिटल निवेशक, उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधि, नीति-निर्माता और स्टार्टअप संस्थापक एक मंच पर जुटे।

पहले दिन संरचित निवेशक सहभागिता और स्टार्टअप प्रस्तुति पर फोकस रहा। एसआईआईसी और उद्यम पूंजी फर्मों के बीच बंद कमरे में रणनीतिक बैठक में आईआईटी कानपुर की शोध अवसंरचना और बौद्धिक संसाधनों के व्यावसायीकरण पर चर्चा हुई। इसके तहत दो-चरणीय स्टार्टअप प्रस्तुति कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 20 स्टार्टअप्स के त्वरित प्रस्तुतीकरण का मूल्यांकन किया गया। इनमें से आठ स्टार्टअप्स को विस्तृत निवेश प्रस्तुति और आगे की गहन जांच प्रक्रिया के लिए चुना गया। चयनित स्टार्टअप्स चिकित्सा तकनीक, रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता/मशीन लर्निंग और स्वच्छ तकनीक जैसे क्षेत्रों से जुड़े थे।

चयनित आठ में से छह स्टार्टअप्स — ब्राह्मिऑन, एकवायु टेक, मारेअल एयरोस्पेस, डीजीरक्षक, तनप्रिश डायनेमिक्स और ड्रीम एयरोस्पेस — एसआईआईसी, आईआईटी कानपुर में पोषित हैं, जो इसके डीप-टेक पोषण तंत्र की मजबूती को दर्शाता है।

दूसरे दिन प्रो. मनींद्र अग्रवाल ने “उत्तर प्रदेश में परिवर्तन की बयार” सत्र में प्रदेश के नवाचार परिवेश पर विचार रखे। वहीं प्रो. दीपू फिलिप ने रक्षा और अंतरिक्ष में आत्मनिर्भर भारत के लिए डीप-टेक की भूमिका पर प्रकाश डाला।

एसआईआईसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आशुतोष अग्निहोत्री और मुख्य निवेश अधिकारी अनुराग सिंह ने अकादमिक–उद्योग–निवेशक समन्वय को डीप-टेक स्टार्टअप्स की सफलता की कुंजी बताया।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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