जाजमऊ गंगापुल पर मौत की डोर, चाइनीज मांझे से युवक की जान खतरे में
कानपुर, 05 मार्च (हि.स.)। प्रतिबंध के सख्त आदेशों और लगातार चेतावनियों के बावजूद शहर में चाइनीज मांझे का जानलेवा कारोबार थम नहीं रहा है। नतीजा यह है कि आए दिन कोई न कोई इसकी चपेट में आकर जिंदगी और मौत के बीच जूझने को मजबूर हो रहा है। बुधवार शाम जाजमऊ गंगापुल पर ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जब सड़क पर लटकी धारदार डोर ने एक बाइक सवार युवक की गर्दन चीर दी।
चकेरी के शिवकटरा निवासी जयप्रकाश यादव अपने बहनोई रघुवीर के साथ बाइक से उन्नाव के झगरपुर गांव जा रहे थे। बाइक जयप्रकाश चला रहे थे, जबकि रघुवीर पीछे बैठे थे। जाजमऊ गंगापुल के पास पहुंचते ही अचानक चाइनीज मांझा उनकी गर्दन में फंस गया। तेज रफ्तार के बीच मांझे ने गर्दन को गहराई तक काट दिया। जयप्रकाश लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। राहगीरों की मदद से उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
यह पहला मामला नहीं है। बीते कुछ महीनों में शहर के अलग-अलग इलाकों में चाइनीज मांझे से कई लोग घायल हो चुके हैं। इनमें बाइक सवार और पैदल राहगीर शामिल रहे हैं। कुछ मामलों में लोगों की गर्दन और चेहरे पर गहरे जख्म आए, जबकि कई पक्षियों की भी जान जा चुकी है।
जाजमऊ थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर देर रात मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है और प्रतिबंधित मांझे की बिक्री करने वालों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सवाल यही है कि आखिर कब तक यह जानलेवा डोर शहर की सड़कों पर दौड़ती जिंदगियों को यूं ही लहूलुहान करती रहेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

