प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत से संतों में गुस्सा, सीबीआई जांच की मांग
मथुरा, 26 सितम्बर (हि.स.)। जिले के वृंदावन में प्रेमानंद जी महाराज के शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस दुखद घटना के बाद से ही पूरे साधु-संत समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। संत समाज इस घटना को किसी भी सूरत में आत्महत्या स्वीकार करने को तैयार नहीं है और इसे बर्बर हत्या करार देते हुए निष्पक्ष सीबीआई से कराने की मांग कर रहा है।
शनिवार दोपहर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर-मस्जिद प्रकरण के मुख्य याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मृतक साधु का प्राइवेट पार्ट कटा हुआ मिला है। कपड़ों पर खून के धब्बे पाए गए हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि एक क्रूर हत्या है। महामंडलेश्वर राधा नंद गिरी ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला किसी बड़ी अनहोनी की ओर इशारा करता है। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष और गहनता से जांच करने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके। महंत पवन गिरी महाराज ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि वृंदावन धाम में संतों के साथ ऐसी बर्बरता हो सकती है, तो आम संतों की सुरक्षा खतरे में है।
वृंदावन के संत समाज ने एक स्वर में शासन-प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय सीबीआई जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए। संतों का स्पष्ट कहना है कि जब तक निष्पक्ष एजेंसी से जांच नहीं होगी, तब तक सच्चाई सामने नहीं आ पाएगी।----------------
हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार

