गांव-गांव पहुंचेगा ‘बहू-बेटी सम्मेलन’, सुगमकर्ताओं का प्रशिक्षण शुरू

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गांव-गांव पहुंचेगा ‘बहू-बेटी सम्मेलन’, सुगमकर्ताओं का प्रशिक्षण शुरू


गांव-गांव पहुंचेगा ‘बहू-बेटी सम्मेलन’, सुगमकर्ताओं का प्रशिक्षण शुरू


गांव-गांव पहुंचेगा ‘बहू-बेटी सम्मेलन’, सुगमकर्ताओं का प्रशिक्षण शुरू


गोरखपुर, 15 सितंबर (हि.स.)। महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा और उपलब्ध सहायता एवं संरक्षण सेवाओं के प्रति जागरूक करने के लिए मिशन शक्ति अभियान के तहत संचालित ‘बहू-बेटी सम्मेलन’ को अब ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचाने की तैयारी शुरू हो गई है। कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ग्राम पंचायत स्तरीय सुगमकर्ताओं का प्रशिक्षण मंगलवार से शुरू किया गया। इसके तहत खजनी, बेलघाट और उरुवा विकासखंड सभागारों में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के कुल 130 नामित प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।

अपर पुलिस महानिदेशक, गोरखपुर जोन के मार्गदर्शन तथा जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में पुलिस विभाग एवं यूनिसेफ के सहयोग से आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्राम पंचायत स्तर पर ऐसे प्रशिक्षित सुगमकर्ता तैयार करना है, जो महिलाओं और बालिकाओं के बीच संवाद स्थापित कर उन्हें लैंगिक समानता, सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक कर सकें।

25 सितंबर तक चलेगा प्रशिक्षण

‘बहू-बेटी सम्मेलन’ को समुदाय के अंतिम स्तर तक पहुंचाने के लिए चरणबद्ध प्रशिक्षण प्रक्रिया अपनाई गई है। कार्यक्रम की अवधारणा एवं कार्ययोजना तैयार करने के बाद मास्टर ट्रेनर्स तथा ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण पूरा किया जा चुका है। अब कैस्केड प्रशिक्षण मॉडल के तहत 15 से 25 सितंबर तक ग्राम पंचायत स्तरीय सुगमकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।

प्रशिक्षण के दौरान सुगमकर्ताओं को सम्मेलन की अवधारणा, उद्देश्य, संचालन प्रक्रिया और छह विषयगत सत्रों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। इन सत्रों के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर संवाद किया जाएगा।

छह विषयों पर होगा केंद्रित संवाद

प्रशिक्षण में लैंगिक समानता और लैंगिक भेदभाव, महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध हिंसा एवं अपराध की रोकथाम, घरेलू हिंसा, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा साइबर अपराध से बचाव जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। साथ ही महिलाओं और बालिकाओं के लिए उपलब्ध सहायता एवं संरक्षण सेवाओं की जानकारी भी दी जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर वे समय रहते संबंधित सेवाओं का लाभ उठा सकें।

सुगमकर्ताओं को केवल सैद्धांतिक जानकारी देने के बजाय समूह चर्चा, भूमिका-अभिनय, केस स्टडी और अन्य सहभागी गतिविधियों के माध्यम से व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य उन्हें ग्राम पंचायतों में प्रभावी संवाद और जागरूकता गतिविधियां संचालित करने के लिए तैयार करना है।

किशोरियों और महिलाओं से सीधे जुड़ेंगे सुगमकर्ता

प्रशिक्षित सुगमकर्ता अपने-अपने ग्राम पंचायतों में 15 से 35 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों तथा विवाहित और अविवाहित महिलाओं के साथ छह विषयगत सत्रों का संचालन करेंगे। इन सत्रों के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को अपने अधिकारों, सुरक्षा उपायों तथा विभिन्न सरकारी सहायता प्रणालियों की जानकारी दी जाएगी।

खजनी विकासखंड सभागार में आयोजित प्रशिक्षण के दौरान मंडलीय बाल संरक्षण सलाहकार, यूनिसेफ शैलेश प्रताप सिंह ने प्रतिभागियों को कार्यक्रम के उद्देश्य और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने लिंग आधारित हिंसा और लैंगिक भेदभाव की रोकथाम में विभिन्न विभागों की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की।

समुदाय में सुरक्षा और समानता का माहौल बनाने पर जोर

‘बहू-बेटी सम्मेलन’ का मुख्य उद्देश्य समुदाय स्तर पर महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध हिंसा और अपराध की रोकथाम करना, लैंगिक समानता को बढ़ावा देना तथा जरूरतमंद महिलाओं और बालिकाओं को उपलब्ध सहायता एवं संरक्षण सेवाओं से जोड़ना है। विभिन्न विभागों के समन्वय से चलाए जा रहे इस अभियान के माध्यम से ग्राम स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के साथ महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षित एवं सहयोगी वातावरण तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

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