मां कल्याणी ने चतुर्भुजी आकार धारण कर स्कंदमाता के स्वरूप में भक्तों को दिए दिव्य दर्शन
-दुरात्मा, अत्याचारी, शक्ति का सत्य के सामने अंत निश्चित : डॉ अनिरुद्ध महाराज
प्रयागराज, 23 मार्च (हि.स.)। मां कल्याणी देवी मंदिर धाम में चल रहे नवरात्रि महोत्सव के पंचमी दिवस पर प्रातःकाल महामंत्री पंडित श्यामजी पाठक ने विधि विधान पूर्वक मां कल्याणी जी का मंगला आरती कर माता स्कंदमाता का आह्वान किया और दोपहर 02 बजे तक अनेकों श्रद्धालुओं ने मंदिर प्रांगण में दर्शन पूजन किया।
इस अवसर पर बच्चों का कर्णछेदन एवं मुंडन कराया और शतचंडी महायज्ञ में भाग लेकर आहूति डाल कर परिक्रमा किया। शाम 06 बजे मां कल्याणी देवी का श्रृंगार दर्शन का पट भक्तों के लिए खोला गया और मां कल्याणी साक्षात चतुर्भुज रूप धारण कर सिंह पर आरूढ़ होकर और अपने गोद में षडाननजी को बैठाए माता स्कंदमाता के दिव्य स्वरूप में दर्शन दिया। शाम 07 बजे मां की महाआरती हुई और मध्य रात्रि शयन आरती अध्यक्ष पंडित सुशील कुमार पाठक द्वारा विधिवत किया गया।
उन्होंने बताया कि मंगलवार नवरात्रि के षष्ठी दिवस पर मां कल्याणी देवी का श्रृंगार माता कात्यायनी देवी के स्वरूप में किया जाएगा। जिसमें मां सिंह पर सवार होकर चतुर्भुजी रुप में दर्शन देंगी। उनका श्रृंगार जड़ाऊ आभूषणों विविध प्रकार के पुष्पों और मेंवों द्वारा किए जाएंगे। मेले के प्रबंधन अध्यक्ष सुशील कुमार पाठक महामंत्री श्यामजी पाठक संयोजक अनिल पाठक, दिलीप पाठक, सैकड़ो स्वयंसेवक एवं पुलिस के जवान तैनात रहे।
मीडिया प्रभारी राजेश केसरवानी ने बताया कि इस अवसर पर मां कल्याणी देवी मंदिर धाम के अंतर्गत श्री नवसंवत्सर मानस समिति के द्वारा आयोजित श्री राम कथा के पचंम दिवस पर भक्तों को कथा का रसपान कराते हुए कथा व्यास डॉ अनिरुद्ध महाराज ने लक्ष्मण मेघनाद युद्ध का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि दुरात्मा, अत्याचारी, शक्ति का सत्य के आगे अंत निश्चित है। यही कारण है मेघनाद शक्ति शाली होते हुए भी मारा गया।
कथा का संचालन प्रवक्ता ओंकार नाथ त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पंडित कृष्ण कुमार पाठक, महामंत्री सुबोध खन्ना, राजेश केसरवानी, मनोज टंडन, कुंवरजी टंडन, राजू यादव सहित सैकड़ों भक्तों ने आरती किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

