रोबोटिक्स और ड्रोन टेक्नोलॉजी में प्रशिक्षित होकर औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व करेंगे छात्र : डॉ. आलोक कुमार

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रोबोटिक्स और ड्रोन टेक्नोलॉजी में प्रशिक्षित होकर औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व करेंगे छात्र : डॉ. आलोक कुमार


कानपुर, 21 मई (हि.स.)। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर (सीएसजेएमयू) के छात्रों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि उन्हें रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसी आधुनिक तकनीकों पर रियल टाइम अनुभव देकर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है।

यह बातें गुरुवार को डॉ. आलोक कुमार ने “रोबोटिक्स एवं ड्रोन टेक्नोलॉजी” विषय पर आयोजित तीन दिवसीय व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम में कही।विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के ईसीई, मैकेनिकल एवं सीएसई विभागों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 19 मई से 21 मई तक विश्वविद्यालय की रोबोटिक्स एंड ड्रोन लैब में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में रोबोटिक्स, ऑटोनॉमस सिस्टम, ड्रोन टेक्नोलॉजी एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े विषयों पर छात्रों को थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों माध्यमों से प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम “सिमहैटल - पायनियरिंग ड्रोन टेक्नोलॉजी एंड एआई सॉल्यूशंस” के विशेषज्ञों द्वारा संचालित किया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि रोबोटिक्स और ड्रोन टेक्नोलॉजी आने वाले समय में रोजगार, रिसर्च और स्टार्टअप के बड़े अवसर तैयार करेंगी। कार्यशाला के दौरान छात्रों ने रोबोटिक्स किट्स पर लाइव कोडिंग और असेंबलिंग का अभ्यास किया।

ड्रोन टेक्नोलॉजी सत्र में प्रतिभागियों को ड्रोन के मैकेनिज्म, एयरोडायनामिक्स और फ्लाइंग नियमों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों की देखरेख में छात्रों ने ड्रोन असेंबली और लाइव सिमुलेशन का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यक्रम में डॉ. अजीत कुमार श्रीवास्तव, डॉ. गौरव पाण्डेय एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. राजीव कुमार शाक्य ने प्रशिक्षकों, फैकल्टी सदस्यों और विद्यार्थियों का स्वागत किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. आलोक कुमार ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल और कंप्यूटर साइंस के छात्रों को एक साझा मंच पर लाकर इंटर-डिसिप्लिनरी प्रोजेक्ट्स के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि छात्रों को कृषि, रक्षा, सर्विलांस और मेडिकल क्षेत्रों में ड्रोन एवं ऑटोनॉमस रोबोट्स के उपयोग से जुड़े नए शोध और प्रोजेक्ट्स के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” के तहत विद्यार्थियों में उद्यमशीलता की भावना विकसित कर उन्हें तकनीकी स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।-------------

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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