सीएसजेएमयू के विद्यार्थियों ने सीखा संतुलित उर्वरक उपयोग, कृषि क्षेत्र में करियर की संभावनाओं से हुए परिचित : डॉ. राघवेंद्र सिंह

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सीएसजेएमयू के विद्यार्थियों ने सीखा संतुलित उर्वरक उपयोग, कृषि क्षेत्र में करियर की संभावनाओं से हुए परिचित : डॉ. राघवेंद्र सिंह


कानपुर, 21 मई (हि.स.)। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के छात्र-छात्राओं को कृषि क्षेत्र में करियर की संभावनाओं, अनुसंधान कार्यों एवं संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को कृषि एवं मृदा स्वास्थ्य के लिए उर्वरकों के सही अनुपात में उपयोग के प्रति जागरूक किया गया। यह बातें डॉ. राघवेंद्र सिंह ने शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम के दौरान कही।

विश्वविद्यालय के 156 छात्र एवं संकाय सदस्यों ने आईसीएआर-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान जोन-III का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान संस्थान के कॉन्फ्रेंस हॉल में “संतुलित उर्वरक उपयोग” विषय पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में डॉ. राघवेंद्र सिंह ने अतिथि संकाय सदस्यों एवं छात्रों का स्वागत करते हुए गुरुवार को भारत में कृषि, आईसीएआर एवं अटारी की भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रश्नों के उत्तर देकर कृषि क्षेत्र में रोजगार एवं करियर की संभावनाओं पर मार्गदर्शन किया।

अटारी कानपुर की वैज्ञानिक डॉ. सीमा यादव ने छात्रों को आईसीएआर एवं देशभर में संचालित कृषि विज्ञान केंद्रों की कार्यप्रणाली और उनके नेटवर्क की जानकारी दी। वहीं वैज्ञानिक डॉ. प्रीति यादव ने कृषि एवं मृदा स्वास्थ्य में संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व पर व्याख्यान देते हुए फसलों की बेहतर उत्पादकता एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए रसायनों के सही अनुपात में उपयोग की जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने संस्थान के वैज्ञानिकों के साथ संवाद कर कृषि, अनुसंधान एवं रोजगार से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों ने शैक्षणिक भ्रमण को उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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