सीएसजेएमयू के शोधार्थी की पीएचडी से भारत की रक्षा रणनीति को नई दिशा

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सीएसजेएमयू के शोधार्थी की पीएचडी से भारत की रक्षा रणनीति को नई दिशा


- आधुनिक युद्ध, साइबर सुरक्षा और नीति-निर्माण पर केंद्रित शोध को मिली अकादमिक मान्यता

कानपुर, 04 फरवरी (हि.स.)। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) कानपुर के रक्षा एवं सामरिक अध्ययन विभाग के शोधार्थी अखिलेश द्विवेदी ने अपनी पीएचडी सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली है। उनका शोध विषय “कंटेम्पररी इंडियन वॉर प्रेपरेडनेस एंड रोल ऑफ़ डिफेन्स स्ट्रेटजी” भारत की वर्तमान रक्षा तैयारियों, सामरिक संरचना और भविष्य की चुनौतियों पर महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। यह जानकारी बुधवार काे मीडिया प्रभारी डाॅ. दिवाकर अवस्थी ने दी।

शोध में यह स्पष्ट किया गया है कि आधुनिक युद्ध की अवधारणा अब केवल पारंपरिक सैन्य शक्ति तक सीमित नहीं रह गई है। इसमें साइबर सुरक्षा, सूचना युद्ध, आंतरिक सुरक्षा, तकनीकी आत्मनिर्भरता तथा रणनीतिक नीति-निर्माण जैसी बहुआयामी चुनौतियां निर्णायक भूमिका निभा रही हैं। अध्ययन में भारत के लिए समग्र और बहुआयामी रक्षा रणनीति अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।

शोध के निष्कर्षों में यह भी रेखांकित किया गया है कि रक्षा नीति और उसके ज़मीनी क्रियान्वयन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग किया जा सकता है। इससे न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती मिलेगी, बल्कि रक्षा क्षेत्र में होने वाला आर्थिक व्यय भी अधिक परिणामोन्मुखी बन सकेगा। यह शोध नीति-निर्माताओं के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन के रूप में भी उपयोगी सिद्ध हो सकता है।

अध्ययन में यह भी उल्लेख किया गया है कि सुदृढ़ रक्षा रणनीति का प्रत्यक्ष लाभ समाज को मिलता है। आंतरिक स्थिरता, सीमा सुरक्षा, आपदा-प्रबंधन क्षमता और नागरिकों में सुरक्षा-बोध को मज़बूत करने में इसकी अहम भूमिका होती है। साथ ही यह शोध युवाओं को रक्षा अध्ययन और राष्ट्र-सुरक्षा से जुड़े विषयों की ओर प्रेरित करता है।

उल्लेखनीय है कि शोधार्थी अखिलेश द्विवेदी वर्तमान में बेंगलुरु में रक्षा क्षेत्र से जुड़े कार्यों में सक्रिय हैं, जिससे उनके शोध को व्यावहारिक अनुभव का भी समर्थन प्राप्त हुआ है। यह शोध प्रो. अरुण कुमार दीक्षित के निर्देशन में संपन्न हुआ। विश्वविद्यालय परिवार ने इस उपलब्धि को सीएसजेएमयू में रक्षा एवं सामरिक अध्ययन के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शोध की सशक्त मिसाल बताते हुए अखिलेश द्विवेदी को शुभकामनाएं दी हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / अजय सिंह

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