रटने वाली शिक्षा की जगह व्यावहारिक नवाचार की संस्कृति विकसित करेगा ‘सीएसजेएमयू बीओबी हैक्स-2026’: प्रो. विनय कुमार पाठक

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रटने वाली शिक्षा की जगह व्यावहारिक नवाचार की संस्कृति विकसित करेगा ‘सीएसजेएमयू बीओबी हैक्स-2026’: प्रो. विनय कुमार पाठक


कानपुर, 15 जून (हि.स.)। सीएसजेएमयू बीओबी हैक्स-2026 का मुख्य उद्देश्य रटने वाली शिक्षा पद्धति को बदलकर छात्रों के भीतर व्यावहारिक समस्या-समाधान की संस्कृति विकसित करना है। हम चाहते हैं कि छात्र औद्योगिक विशेषज्ञता और आधुनिक तकनीक के माध्यम से अपनी रचनात्मकता, तकनीकी क्षमता और उद्यमशीलता का प्रदर्शन करें। यह बातें सोमवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहीं।

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय और आईबीएम ने संयुक्त रूप से ‘सीएसजेएमयू बीओबी हैक्स-2026’ के शुभारंभ की घोषणा की है। यह प्रतियोगिता विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध सात जिलों के महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर वास्तविक औद्योगिक समस्याओं के समाधान के लिए तकनीकी नवाचार और प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

यह प्रतियोगिता उत्तर प्रदेश सरकार के प्रस्तावित ‘एआई मंथन-2026’ कार्यक्रम के पूर्व आयोजन के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके माध्यम से छात्रों को आधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों, सॉफ्टवेयर विकास और नवाचार से जुड़ने का अवसर मिलेगा। प्रतियोगिता में एक लाख रुपये से अधिक का पुरस्कार पूल निर्धारित किया गया है तथा पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

आईबीएम सॉफ्टवेयर लैब्स के उपाध्यक्ष विशाल चहल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सॉफ्टवेयर तकनीक की दुनिया तेजी से बदल रही है। उन्होंने कहा कि आईबीएम की उन्नत जनरेटिव एआई तकनीक विद्यार्थियों को अपने विचारों को तेजी से व्यावहारिक रूप देने में मदद करेगी। यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और गैर-तकनीकी पृष्ठभूमि के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को नई तकनीकी क्षमताओं से जोड़ने का माध्यम बनेगी।

प्रतियोगिता के अंतर्गत सभी पंजीकृत छात्रों को आईबीएम के प्रीमियम कॉर्पोरेट शिक्षण मॉड्यूल और प्रमाणपत्र निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही विद्यार्थियों को उद्योग मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी मिलेगा।

प्रतियोगिता का प्रथम चरण इटावा, फर्रुखाबाद, कन्नौज, उन्नाव, कानपुर देहात, औरैया और कानपुर नगर सहित सात नोडल केंद्रों पर आयोजित किया जाएगा। चयनित टीमें विश्वविद्यालय परिसर में 12 और 13 अगस्त 2026 को आयोजित 24 घंटे के ग्रैंड फिनाले में भाग लेंगी। अंतिम पुरस्कार वितरण समारोह 15 अगस्त 2026 को आयोजित किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

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