बिना वारंट घर में घुसने के मामले में दो दरोगा समेत 16 पुलिस कर्मियों पर रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश
फर्रुखाबाद, 09 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में पुलिस एक बार फिर अदालत की सख्ती का सामना कर रही है। कायमगंज क्षेत्र के काला खेल मऊ रसीदाबाद गांव में पुलिस पर लगे मनमानी और दुर्व्यवहार के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए विशेष न्यायाधीश (डकैती) शैलेंद्र सचान ने 16 पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश गुरुवार को दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, 26 जनवरी 2026 को दारोगा सोमवीर, दारोगा जितेन्द्र कुमार, हेड कांस्टेबल धर्मेन्द्र तिवारी, सिपाही विजय गुर्जर, सिपाही सचिन कुमार, सिपाही जितेन्द्र सिंह, सिपाही विकास बाबू, सिपाही पवन चाह सहित 7-8 अन्य पुलिसकर्मी शायदा बेगम पत्नी मुख्तार खान के घर पहुंचे। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने घर में घुसकर मारपीट की और करीब 90 हजार रुपये नकद के साथ सोने-चांदी के आभूषण ले गए। इस दौरान पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में भी लिया था, जिनमें एक किशोर भी शामिल था। बाद में किशोर को छोड़ दिया गया, जबकि तीन अन्य को दो दिन बाद शस्त्र अधिनियम के तहत जेल भेज दिया गया।
इस मामले में पीड़ित ने अदालत की शरण ली थी। जिस पर कोर्ट के उक्त आदेश दिए हैं। वहीं कायमगंज कोतवाल मदन मोहन को भी गलत और भ्रामक रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर नोटिस जारी किया है। उन्हें 20 अप्रैल को अदालत में उपस्थित होकर उक्त मामले में जवाब देना होगा।
विशेष न्यायाधीश ने पुलिस अधीक्षक को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और उस पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि इस तरह की घटनाएं पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं और मनमानी किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी।
शासकीय अधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने बताया कि वादी की शिकायत पर न्यायालय के आदेश पर पुलिस कर्मियों पर रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Chandrapal Singh Sengar

