महिलाओं को कृषि उद्यमिता से जोड़ना समय की जरूरत : डॉ. विनय कुमार पाठक

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महिलाओं को कृषि उद्यमिता से जोड़ना समय की जरूरत : डॉ. विनय कुमार पाठक


कानपुर, 16 अक्टूबर (हि.स.)। कृषि क्षेत्र में महिलाओं को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ ग्रामीण विकास को भी गति मिलेगी। यह बातें शुक्रवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विनय कुमार पाठक ने चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित उत्तर क्षेत्रीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी के महिला सशक्तिकरण सत्र में कही।

डॉ. विनय कुमार पाठक ने बताया कि दोनों विश्वविद्यालयों के बीच जल्द ही समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके माध्यम से कृषि क्षेत्र में अनुसंधान, शिक्षा, प्रशिक्षण और नई तकनीकों के हस्तांतरण के लिए संयुक्त रूप से काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को कृषि आधारित उद्यमिता, कौशल विकास और स्वरोजगार से जोड़ने पर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे परिवार व समाज के विकास में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संजीव गुप्ता ने कहा कि अंत्योदय योजना समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ महिलाओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना जरूरी है। महिलाओं को योजनाओं की जानकारी देने, कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने, वित्तीय सहायता से जोड़ने और उनके उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने से आर्थिक व सामाजिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने महिला किसानों को विश्वविद्यालय की ओर से वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग देने का आश्वासन दिया।

सत्र में विभिन्न जनपदों से आई महिला किसानों ने भाग लिया। कृषि आधारित आजीविका, आधुनिक कृषि तकनीक, मूल्य संवर्धन, खाद्य प्रसंस्करण, पोषण वाटिका, उद्यमिता विकास और कृषि उत्पादों के विपणन के जरिए आय बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा की गई। सरसौल की ब्लॉक प्रमुख डॉ. विजय रत्ना तोमर ने महिला सशक्तिकरण को कृषि विकास और ग्रामीण समृद्धि का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय संसाधनों और बाजार से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यक्रम में कल्याणपुर विधायक नीलिमा कटियार, गृह विज्ञान महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. सीमा सोनकर और कृषि संकाय के अधिष्ठाता डॉ. कौशल कुमार मौजूद रहे। प्रसार निदेशक एवं उद्यान संकाय के अधिष्ठाता डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मेले में कानपुर के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भी भाग लेकर विश्वविद्यालय की गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि बुधवार को मेले में साढ़े आठ हजार से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। उद्यानिकी में रूफ टॉप मॉडल भी आकर्षण का केंद्र रहा।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

Livevns.news Desk
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