सीओ रविकांत गौड़ ने हांकी बैलगाड़ी, लोगों को भा रहा साहब का देशी अंदाज

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सीओ रविकांत गौड़ ने हांकी बैलगाड़ी, लोगों को भा रहा साहब का देशी अंदाज


महोबा, 01 जून (हि.स.)। बुंदेलखंड के महोबा जिले में तैनात सीओ साहब का देशी अंदाज सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है।बैलगाड़ी की लगाम थामे हुए सीओ साहब जब सड़क पर दिखे तो लोग नजारा देखते रह गए। सीओ ने बढ़ते डीजल-पेट्रोल के बढ़ते खर्च से बचने के लिए किसान को फिर से बैलों को अपनाने की अपील की, जिससे उनकी लागत में कमी आएगी साथ ही अन्ना पशुओं से भी छुटकारा मिल सकेगा।

जिले के कुलपहाड़ तहसील में तैनात सीओ रविकांत गौड़ का एक वीडियो खूब चर्चा बटोर रहा है। वीडियो में सीओ साहब खुद ही बैलगाड़ी हांकते हुए नजर आ रहे हैं।

सोमवार को सीओ ने बताया कि आज के इस दौर में आधुनिकता के दौर में भले ही खेतों में बैलों के स्थान पर ट्रैक्टर और अन्य मशीनरी ने अपनी जगह बना ली है लेकिन बुंदेलखंड के जिलों के कई गांवों में आज भी बैलों से कृषि कार्य होता है। मशीनरी में अधिक खर्च होने के कारण इस क्षेत्र में बैल आज भी किसान के सबसे भरोसेमंद साथी बने हुए हैं।

सीओ रविकांत गौड़ ने बताया कि तकनीक समय की जरूरत है वह इसके खिलाफ नहीं हैं। लेकिन जहां तक संभव हो हमें पुराने संसाधनों को भी अपनाना चाहिए। पुराने समय में बैल सिर्फ जानवर नहीं बल्कि किसान के परिवार का सदस्य होते थे। कृषि कार्य में बैलों का उपयोग कर किसान अपनी बचत भी कर सकते हैं और इसके साथ ही उनकी उपयोगिता बढ़ने से सड़क पर घूमने वाले अन्ना पशुओं से भी छुटकारा मिल सकता है। साथ ही बैलों से जुताई करने पर मिट्टी की उर्वरा शक्ति अच्छी बनी रहती है। जबकि ट्रैक्टर के उपयोग से खेत की मिट्टी सख्त हो जाती है। सोशल मीडिया पर सीओ साहब की पहल की खूब सराहना की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उपेन्द्र द्विवेदी

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