निशाचर रावण से प्रेरित हैं समाज को बांटने वाले : सीएम योगी
रामभक्तों पर अत्याचार करने वाले भी आज कालनेमि की भांति चिल्ला रहे राम-राम : मुख्यमंत्री
गोरखपुर, 20 अक्टूबर (हि.स.)। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज को बांटने वाले और सामाजिक एकता को तोड़ने वाले निशाचर रावण से प्रेरित हैं क्योंकि रावण भी एकता को खंडित करता था। उन्होंने कहा कि जो लोग जाति, क्षेत्र, भाषा के नाम पर समाज की एकता को खंडित करके भारत को कमजोर करना चाहते हैं, उनके अंदर रावण की आत्मा आ गई है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को भारत की एकता और भारत की मजबूती से परेशानी है, वही लोग आज भारत के बारे में दुष्प्रचार कर रहे हैं। दुष्प्रचार वाली ये ताकतें भारत के अंदर भी हैं और भारत के बाहर से भी स्पॉन्सर्ड (प्रायोजित) हैं।
सीएम योगी मंगलवार शाम मानसरोवर रामलीला मैदान में श्री श्री रामलीला समिति, आर्यनगर की तरफ से आयोजित प्रभु श्रीराम के राजतिलक समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी लोगों को विजयादशमी की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज को बांटने वाली ताकतों की साजिश से जब भारत कमजोर होता है तब उसकी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत पर आघात होता है। भारत जब कमजोर होता है तब कोई राम जन्मभूमि अपमानित होती है। भारत जब कमजोर होता है तब कोई कृष्ण जन्मभूमि अपमानित होती है। भारत जब कमजोर होता है तब कोई काशी विश्वनाथ का मंदिर अपमानित होता है। जब भारत कमजोर होता है तब कोई सोमनाथ का मंदिर तोड़ा जाता है, लूटा जाता है। जब भारत कमजोर होता है तब नारी गरिमा तार-तार होती है। उनके बाजार लगते हैं, उनकी बोलियां लगती हैं, उन्हें नीलाम किया जाता है। मुख्यमंत्री ने समझाया कि इसके इतर जब भारत मजबूत होता है, एक भारत-श्रेष्ठ भारत के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा यशस्वी नेतृत्व प्राप्त होता है, तब भारत 500 वर्ष पहले तोड़ी गई गरिमा को वापस पाने में समर्थ होता है और अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण होता है। सीएम योगी ने कहा कि जो लोग भारत को कमजोर करना चाहते हैं, उन लोगों को अयोध्याधाम में त्रेतायुग का स्मरण, वहां भव्य दीपोत्सव, प्रभु श्रीराम के मंदिर का निर्माण कैसे बर्दाश्त होगा? यही कारण है कि ऐसे लोग लगातार दुष्प्रचार और भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं कि अयोध्या को कैसे अपमानित किया जाए। उन्होंने कहा कि अयोध्या के बारे में वे लोग दुष्प्रचार कर रहे हैं, जिन लोगों ने अभी तक अयोध्या में रामलला के दर्शन भी नहीं किए। जिन्होंने राम मंदिर के खिलाफ रामभक्तों पर गोलियां चलाई थीं। जिन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान रामभक्तों पर अत्याचार की पराकाष्ठा की थी, आज वे भी राम-राम चिल्ला रहे हैं। राम-राम की चिल्लाहट कालनेमि भी करता था। मुख्यमंत्री ने नागरिकों का आह्वान करते हुए कहा कि बजरंगबली की तरह आपको भी आज के कालनेमियों को पहचानना होगा।
देश है तो धर्म है और धर्म से हम सब
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम सबको याद करना होगा कि देश है तो धर्म भी है। धर्म है तो हम सब भी हैं। कोई व्यक्ति, कोई समाज, कोई जाति, तब तक सुरक्षित नहीं है जब तक कि भारत सुरक्षित नहीं है। जब तक सनातन सुरक्षित नहीं है तब तक कोई सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तथ्य में अगर किसी को गलतफहमी हो तो वह दुनिया के अंदर देख ले। दुनिया के अंदर मुसलमान-मुसलमान आपस में लड़ रहे हैं। उनके बीच शिया और सुन्नी के बीच विवाद होता है। कहीं कम्युनिस्ट-कम्युनिस्ट आपस में लड़ रहे हैं तो कहीं क्रिश्चियन-क्रिश्चियन लड़ रहे हैं। और, जहां आपस में नहीं लड़ रहे हैं वहां पर वहां पर इस्लाम की लड़ाई ईसाइयत से है। कम्युनिज्म की लड़ाई क्रिश्चियनिटी के खिलाफ है। आपस में ही द्वंद्व चल रहा है।
सनातन के साये में सबको सुरक्षा और समृद्धि
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया मे आपसी द्वंद्व के बीच अकेले भारत है जो मजबूती के साथ सनातन के साये में हर जाति, हर संप्रदाय, हर मत, हर मजहब को सुरक्षा दे रहा है और बिना भेदभाव उसको समृद्धि के पथ पर भी अग्रसर कर रहा है। उन्होंने कहा कि यही 'सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः’ की भारतीय ऋषि परंपरा है जिसको सरल भाषा में प्रधानमंत्री मोदी जी ने कहा है, 'सबका साथ, सबका विकास।'
रावण के दस सिरों के प्रतीकों को समझाया सीएम योगी ने
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने रावण के 10 सिरों के प्रति को भी समझाया। उन्होंने कहा कि इन दस सिरों में एक अधर्म, एक असत्य, एक अन्याय, एक अत्याचार, एक अमर्यादा, एक भ्रष्टाचार, एक दुराचार, एक भ्रम, एक दुष्प्रचार और एक नशा का प्रतीक है। इन बुराइयों में कोई मर्यादा नहीं होती है। जिस तरह प्रभु राम ने रावण का अंत कर रामराज्य का मार्ग प्रशस्त किया था, उसी तरह आज रामराज्य के मार्ग को प्रशस्त करने के लिए हमें समाज के विकास और राष्ट्र की एकता में बाधक इन 10 प्रकार क कुप्रवृत्तियों का मजबूती के साथ डटकर विरोध करना होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

