योगी सरकार ने तय किए कौशल प्रशिक्षण लक्ष्य, एनएसडीसी योजना के तहत निजी प्रशिक्षण संस्थानों को सेक्टरवार टारगेट आवंटित

WhatsApp Channel Join Now
योगी सरकार ने तय किए कौशल प्रशिक्षण लक्ष्य, एनएसडीसी योजना के तहत निजी प्रशिक्षण संस्थानों को सेक्टरवार टारगेट आवंटित


--मिशन मोड में चलेगा स्किल डेवलपमेंट अभियान

--गुणवत्ता, पोर्टल सत्यापन और 600 घंटे की अधिकतम अवधि जैसी अनिवार्य शर्तें लागू

--उद्योग की मांग अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित करने में जुटी योगी सरकार, रोजगार के अवसरों में होगी बढ़ोत्तरी

लखनऊ, 03 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) ने प्रशिक्षण प्रदाताओं (आईटीपीएस) को सेक्टरवार लक्ष्य आवंटित कर दिए हैं। यह कार्रवाई नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएसडीसी) योजना के अंतर्गत की गई है। योगी सरकार की मंशा है कि कौशल विकास कार्यक्रमों को मिशन मोड में संचालित कर युवाओं को उद्योग आधारित रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए। इसी के तहत निदेशालय, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा जारी कार्यालय-ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि प्रशिक्षण प्रदाताओं को निर्धारित शर्तों और गुणवत्ता मानकों का पूरी तरह पालन करते हुए लक्ष्य पूरा करना होगा।

--सेक्टर आधारित टारगेट, पारदर्शी आवंटन प्रक्रिया

प्रशिक्षण संस्थानों को उनके पूर्व प्रदर्शन और आवेदन के क्रम में लक्ष्य आवंटित किए गए हैं। उदाहरणस्वरूप, वेलस्पन लिविंग लिमिटेड (बरेली) को परिधान क्षेत्र में 200, इमार्टिकस लर्निंग प्राइवेट लिमिटेड (जालौन) को हेल्थकेयर व परिधान सेक्टर में 100-100 तथा स्किल्ड टेलरिंग इंस्टीट्यूट बाय रेमंड (लखनऊ) को 50 का लक्ष्य आवंटित किया गया है। इससे स्पष्ट है कि योगी सरकार उद्योग की मांग के अनुरूप सेक्टर आधारित प्रशिक्षण को बढ़ावा दे रही है।

--गुणवत्ता और मॉनिटरिंग पर विशेष जोर

प्रशिक्षण अवधि अधिकतम 600 घंटे होगी। आवासीय प्रशिक्षण में न्यूनतम 8 घंटे प्रतिदिन प्रशिक्षण संचालित किया जाएगा। प्रशिक्षण शुरू करने से पहले पोर्टल पर सत्यापन अनिवार्य होगा। प्रशिक्षण प्रदाता को सेक्टर स्किल काउंसिल से संबद्ध होकर मानक पाठ्यक्रम के आधार पर प्रशिक्षण देना होगा। मूल्यांकन भी सम्बंधित सेक्टर स्किल काउंसिल के माध्यम से ही कराया जाएगा। यह व्यवस्था प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और परिणाम आधारित मॉनिटरिंग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

--पोर्टल आधारित उपस्थिति और भुगतान व्यवस्था

प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति एवं सम्बंधित विवरण एनएसडीसी/एसडीएमएस पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज किए जाएंगे। सत्यापन के उपरांत ही अनुदान राशि जारी की जाएगी। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि यदि प्रशिक्षण कार्य में लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है, तो सम्बंधित प्रशिक्षण प्रदाता के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

--योगी सरकार का रोजगार फोकस

प्रदेश में कौशल विकास को रोजगार सृजन से सीधे जोड़ने की नीति पर योगी सरकार लगातार कार्य कर रही है। उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण, निजी क्षेत्र की भागीदारी और डिजिटल मॉनिटरिंग व्यवस्था के माध्यम से स्किल इकोसिस्टम को सुदृढ़ किया जा रहा है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख है कि निर्धारित लक्ष्य उसी वित्तीय वर्ष में पूर्ण करना होगा। लक्ष्य पूरा न करने की स्थिति में आगामी आवंटन पर प्रभाव पड़ सकता है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा

Share this story