मुख्यमंत्री याेगी ने बाढ़ राहत एवं पुनर्वास को लेकर की समीक्षा बैठक, प्रभावित लाेगाें काे तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश
चित्रकूट, 06 सितंबर (हि.स.)।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में जनपद चित्रकूट में आई बाढ़ से उत्पन्न परिस्थितियों, राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास एवं विकास कार्यों को लेकर न्यू सर्किट हाउस, देवांगना में समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से बाढ़ से हुए नुकसान एवं राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने व्यापारियों को हुए नुकसान की जानकारी लेते हुए जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों के संबंध में जानकारी ली। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि वर्तमान में प्रभावित व्यापारियों को कपड़े, बर्तन की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है एवं तहसील कर्वी में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में अबतक 35000 लंच पैकेट, राशन किट 4500 और 650 खातों में पचास लाख रूपये वितरित किए जा चुके हैं मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रभावित व्यापारियों, संतों एवं किसानों के नुकसान का सर्वे कराकर उनकी सूची तैयार की जाए तथा पात्र व्यक्तियों को नियमानुसार शीघ्र सहायता उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने किसानों की फसल को हुए नुकसान का सर्वे प्राथमिकता के आधार पर कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के मकान पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनका सर्वे कराकर पात्र परिवारों को पट्टे की भूमि उपलब्ध कराने के साथ ही आवास की सुविधा प्रदान की जाए। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावित पात्र परिवारों जी राम जी योजनाओं से लाभान्वित किया जाए।
उन्होंने जनपद में उपलब्ध राहत किट की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि शेष राहत किट का वितरण 48 घंटे के भीतर प्रत्येक पात्र प्रभावित व्यक्ति तक सुनिश्चित कराया जाए। राहत सामग्री की गुणवत्ता उच्च स्तर की होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत एवं पुनर्वास कार्यों में जाति, धर्म अथवा किसी अन्य भेदभाव के बिना केवल पात्रता के आधार पर लाभार्थियों को सहायता प्रदान की जाए।
नदी के अतिक्रमण काे चिन्हित कर बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान करें
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि मंदाकिनी नदी एवं नदी के किनारे क्षेत्रों में हुए अतिक्रमण को शीघ्र चिन्हित कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है तथा बड़े क्षेत्र से आने वाले पानी की निकासी के लिए नदी का पर्याप्त विस्तार आवश्यक है। नदी के संकरे होने से बाढ़ के दौरान नुकसान की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि इस बार जनहानि नहीं हुई, लेकिन व्यापक स्तर पर धनहानि हुई है। उन्होंने बाढ़ की स्थिति को गंभीर आपदा बताते हुए इसके स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने नदी के किनारे घाटों से सटे मंदिरों एवं मठों को आवश्यकतानुसार पीछे किए जाने की संभावना पर कार्यवाही करने को कहा, ताकि नदी का पर्याप्त विस्तार एवं जल निकासी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने नदी पर बने पुलों की भी जांच एवं तकनीकी ऑडिट कराने के निर्देश दिए तथा यह पता लगाने को कहा कि पुल का निर्माण किस संस्था द्वारा कराया गया है और उसकी गुणवत्ता एवं संरचना की स्थिति क्या है।
उन्होंने बाढ़ से क्षतिग्रस्त मंदिरों एवं मठों तथा व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सूची तैयार कराकर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
शहर की सफाई व्यवस्था एवं नदी में सीवेज ट्रीटमेंट को प्रभावी बनाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने नगर की सफाई व्यवस्था की जानकारी लेते हुए सफाई कर्मचारियों की संख्या के संबंध में जानकारी ली। प्रभारी अधिशासी अधिकारी/उप जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि नगर पालिका परिषद के पास वर्तमान में 305 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। मुख्यमंत्री ने सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए तथा प्रशासन की ओर से आवश्यक पत्राचार करते हुए अतिरिक्त मैनपावर की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा एवं नगर पालिका के लिए स्थायी अधिशाषी अधिकारी के लिए पत्राचार करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि पूरे कस्बे में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए। नालों पर किए गए अतिक्रमण को हटाते हुए आवश्यकतानुसार नालों के ऊपर फुटपाथ विकसित किए जाएं। सफाई कर्मचारियों की कमी होने पर स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त मानव संसाधन की व्यवस्था कर सफाई कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास जी की क्षतिग्रस्त मूर्ति के संबंध में निर्देश दिए कि एक व्यवस्थित एवं उपयुक्त स्थल चिन्हित कर मूर्ति को सम्मानपूर्वक स्थापित कराया जाए।
देवांगना एयरपोर्ट-कर्वी फोरलेन मार्ग में देरी पर जताई नाराजगी
मुख्यमंत्री ने देवांगना एयरपोर्ट से कर्वी तक फोरलेन सड़क निर्माण की स्वीकृति एवं पूर्णता की तिथि के संबंध में जानकारी ली। अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड द्वारा बताया गया कि परियोजना वर्ष 2023 में स्वीकृत हुई थी तथा इसे वर्ष 2024 में पूर्ण कराया जाना था।
निर्धारित समय के बाद भी कार्य पूर्ण न होने पर मुख्यमंत्री ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी को 24 घंटे के भीतर जांच कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कार्य में देरी के लिए ठेकेदार दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए ब्लैकलिस्ट करने की कार्यवाही की जाए तथा यदि लोक निर्माण विभाग के संबंधित अधिकारी की लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो उनके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को कानून-व्यवस्था के संबंध में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने तथा जनपद में किसी भी प्रकार की अराजकता, अव्यवस्था एवं गुंडागर्दी को कतई बर्दाश्त न करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि असामाजिक एवं अराजक तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए जनपद में शांति, सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत एवं पुनर्वास का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी एवं संवेदनशील तरीके से उपलब्ध कराया जाए तथा भविष्य में बाढ़ से होने वाली क्षति को न्यूनतम करने के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
हिन्दुस्थान समाचार / रतन पटेल

