भारतीय संस्कृति और लोककलाओं को आधुनिक अभिव्यक्ति से जोड़ना जरूरी : कृष्ण चंद्र वाजपेयी

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भारतीय संस्कृति और लोककलाओं को आधुनिक अभिव्यक्ति से जोड़ना जरूरी : कृष्ण चंद्र वाजपेयी


कानपुर, 12 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय कला और संस्कृति की विविधता को समझने के साथ विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर मिलने चाहिए। कला प्रदर्शनियां विद्यार्थियों को नए प्रयोग करने और अपनी कला-दृष्टि विकसित करने का मंच प्रदान करती हैं। यह बातें प्रसिद्ध मूर्तिकार प्रो. कृष्ण चंद्र वाजपेयी ने सोमवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स में चित्राक्षी समूह कला प्रदर्शनी 2026–27 के उद्घाटन के दौरान कही।

प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रो. कृष्ण चंद्र वाजपेयी ने दीप प्रज्वलित कर किया। प्रदर्शनी में बीएफए तृतीय वर्ष के लगभग 40 विद्यार्थियों की बनाई गई 50 म्यूरल पेंटिंग प्रदर्शित की गई हैं। इन कलाकृतियों में भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों को उकेरा गया है। देवी-देवताओं के आकर्षक चित्रण और कलाकृतियों की बारीकियों ने दर्शकों का ध्यान खींचा।

मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों की मेहनत और कलात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक क्षमता सामने लाने का अवसर मिलता है। इससे उन्हें कला के क्षेत्र में नए प्रयोग करने और संभावनाओं को तलाशने की प्रेरणा मिलती है।

इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स के निदेशक डॉ. मिठाई लाल ने कहा कि भारतीय लोककलाएं देश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनके संरक्षण और संवर्धन के साथ नई पीढ़ी को पारंपरिक कलाओं से जोड़ना जरूरी है। इस तरह की प्रदर्शनियां विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाने के साथ उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच भी उपलब्ध कराती हैं।

प्रदर्शनी के संयोजक एवं क्यूरेटर डॉ. मंतोष यादव ने बताया कि इसका उद्देश्य भारतीय पारंपरिक और लोककलाओं को आधुनिक कलात्मक अभिव्यक्ति से जोड़ना है। विद्यार्थियों की कलाकृतियां उनके अभ्यास, कल्पनाशीलता और कला के प्रति समर्पण को दर्शाती हैं।

आयोजन में प्रो. शुभम शिवा, डॉ. राज कुमार सिंह, जेबी यादव, तनीषा वधावन, डॉ. रणधीर सिंह, डॉ. विजय त्रिपाठी, विनय सिंह, प्रिया मिश्रा, कीर्ति वर्मा सहित अन्य लोगों का सहयोग रहा। प्रदर्शनी 12 से 14 अक्टूबर तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक कला प्रेमियों और आम लोगों के लिए खुली रहेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

Livevns.news Desk
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