‘कल्याण’ के शताब्दी समारोह में शामिल होंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
गोरखपुर, 06 अक्टूबर (हि.स )l संस्कृति, सनातन परंपरा, आध्यात्मिक चिंतन और नैतिक जीवन-मूल्यों के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली गीता प्रेस की प्रतिष्ठित पत्रिका ‘कल्याण’ अपने प्रकाशन के सौ वर्ष पूरे होने पर बुधवार, 7 अक्टूबर को गोरखपुर में शताब्दी समारोह मनाएगी। शाम चार बजे आयोजित होने वाले इस विशेष समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। समारोह में देश के विभिन्न क्षेत्रों के प्रख्यात विद्वान, इतिहासकार, शिक्षाविद और विचारक ‘कल्याण’ की शताब्दी यात्रा और भारतीय समाज पर उसके प्रभाव पर अपने विचार रखेंगे।
यह समारोह गीता प्रेस के संस्थापक मंडल से जुड़े रहे महान संत एवं साहित्यसेवी हनुमान प्रसाद पोद्दार की 134वीं जयंती महोत्सव के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर ‘कल्याण’ के सौ वर्षों के प्रकाशन के दौरान भारतीय संस्कृति और सनातन जीवन-दृष्टि के संरक्षण एवं प्रसार में निभाई गई भूमिका पर विस्तार से चर्चा होगी।
समारोह को पूर्व सांसद प्रो. राकेश सिन्हा, अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. बालमुकुंद पाण्डेय, भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के पूर्व महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी तथा भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद के निदेशक डॉ. ओमजी उपाध्याय संबोधित करेंगे। विद्वान वक्ता पत्रिका की वैचारिक यात्रा, भारतीय ज्ञान परंपरा, धर्म एवं अध्यात्म से जुड़े साहित्य के संरक्षण तथा बदलते सामाजिक परिवेश में ‘कल्याण’ की प्रासंगिकता पर अपने विचार साझा करेंगे।
भारतीय संस्कृति के प्रचार का सशक्त माध्यम बनी ‘कल्याण’
गीता प्रेस की ओर से प्रकाशित ‘कल्याण’ का भारतीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक साहित्य में विशिष्ट स्थान रहा है। अपने प्रकाशन काल से ही पत्रिका ने धर्म, अध्यात्म, सदाचार, भारतीय दर्शन, संस्कृति और जीवन-मूल्यों से संबंधित सामग्री को सरल एवं जनसुलभ रूप में पाठकों तक पहुंचाने का कार्य किया है। देश के विभिन्न हिस्सों में इसके पाठकों का व्यापक वर्ग रहा है और इसके माध्यम से भारतीय ज्ञान एवं आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े विचारों को घर-घर तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
‘कल्याण’ के शताब्दी वर्ष का यह आयोजन केवल एक पत्रिका की प्रकाशन यात्रा का उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक चेतना और ज्ञान परंपरा से जुड़े विमर्श का भी महत्वपूर्ण अवसर होगा। समारोह में इस बात पर चर्चा होगी कि बदलते समय और नई पीढ़ी के बीच भारतीय जीवन-दृष्टि, नैतिक मूल्यों तथा आध्यात्मिक चिंतन को प्रभावी ढंग से कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है।
शताब्दी समारोह में दिखेगा ज्ञान और संस्कृति का संगम
समारोह में ‘कल्याण’ के सौ वर्षों के सफर के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा के साथ उसके ऐतिहासिक योगदान को भी रेखांकित किया जाएगा। वक्ता यह भी बताएंगे कि किस प्रकार पत्रिका ने धार्मिक एवं आध्यात्मिक साहित्य को सामान्य पाठकों तक पहुंचाने के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भूमिका निभाई।
गोरखपुर में आयोजित होने वाला यह शताब्दी समारोह गीता प्रेस की दीर्घ साहित्यिक एवं सांस्कृतिक यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में देशभर से जुड़े विद्वानों की सहभागिता इसे विशेष महत्व प्रदान करेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय

