जनगणना-2027 को लेकर बैठक आयोजित, स्वगणना प्रक्रिया की दी गई जानकारी
औरैया, 31 मार्च (हि. स.)। औरैया जिले के प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिलाधिकारी डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में जनगणना-2027 को लेकर हुई एक बैठक में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्वगणना (सेल्फ एन्युमरेशन) की प्रक्रिया और उसके प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना-2027 देश की 16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद की आठवीं जनगणना होगी, जो गांव, शहर और वार्ड स्तर पर प्राथमिक आंकड़ों का सबसे बड़ा और विश्वसनीय स्रोत मानी जाती है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया प्रशासनिक योजनाओं और विकास कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
उन्होंने जानकारी दी कि जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहले चरण में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य 22 मई से 20 जून तक पूरे उत्तर प्रदेश में किया जाएगा। वहीं दूसरे चरण में जनसंख्या गणना का कार्य फरवरी 2027 में देशभर में पूरा किया जाएगा।
इस बार जनगणना का संचालन डिजिटल माध्यम से किया जाएगा, जिसमें पहली बार नागरिकों को स्वगणना का विकल्प भी दिया गया है। इसके तहत राज्य में क्षेत्रीय कार्य शुरू होने से 15 दिन पूर्व, यानी 7 से 21 मई 2026 तक, नागरिक स्वयं सेल्फ एन्युमरेशन पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
बैठक में जिला जनगणना अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) अविनाश चन्द्र मौर्य ने जनगणना की प्रक्रिया, समय-सीमा और कार्ययोजना पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मकान सूचीकरण के दौरान प्रगणक द्वारा भवन के उपयोग, निर्माण सामग्री, कमरों की संख्या, स्वामित्व, शौचालय, प्रकाश स्रोत, खाना पकाने के ईंधन, एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन, मुख्य अनाज सहित फोन, वाहन, टेलीविजन और इंटरनेट जैसी 33 प्रकार की परिसंपत्तियों से संबंधित आंकड़े डिजिटल रूप से एकत्र किए जाएंगे।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान नागरिकों द्वारा दी गई सभी सूचनाएं पूर्णतः गोपनीय रखी जाएंगी। बैठक में उपस्थित सभी प्रतिभागियों से जनगणना कार्य में सक्रिय सहयोग करने की अपील की गई।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार

