कैबिनेट निर्णय :  छात्रवृत्ति से वंचित छात्रों को मिलेगा एक और मौका, पोर्टल खोलने के लिए कैबिनेट की मंजूरी

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वित्तीय वर्ष 2025-26 में तकनीकी व अन्य कारणों से छात्रवृत्ति से वंचित रह गए छात्रों को मिलेगा लाभ

सभी पात्र वर्गों के छात्रों की छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए विशेष मामले में पोर्टल फिर खोलने का निर्णय

लखनऊ, 25 अगस्त। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न कारणों से छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ पाने से वंचित रह गए पात्र छात्रों को एक और अवसर दिए जाने का निर्णय किया गया। इसके लिए मंत्रिमंडल ने विशेष मामले के रूप में छात्रवृत्ति पोर्टल को दोबारा खोलने की मंजूरी प्रदान की है।

प्रेसवार्ता में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से संबंधित विभिन्न पात्र वर्गों के कुल 2,76,057 छात्र इस निर्णय से लाभान्वित होंगे। इन छात्रों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए कुल 551 करोड़ 85 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। इनमें सामान्य वर्ग के 51,078 छात्रों के लिए 163.42 करोड़ रुपये, अनुसूचित जाति के 64,971 छात्रों के लिए 58.17 करोड़ रुपये, अनुसूचित जनजाति के 5,192 छात्रों के लिए 9.21 करोड़ रुपये और अन्य पिछड़ा वर्ग के 1,36,136 छात्रों के लिए 300 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसी क्रम में अल्पसंख्यक वर्ग के 18,680 छात्रों को 21.05 करोड़ रुपये की धनराशि दी जाएगी।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत कई पात्र छात्रों की छात्रवृत्ति की प्रक्रिया विभिन्न कारणों से पूरी नहीं हो सकी। कहीं शिक्षण संस्थानों की ओर से आवेदन अग्रसारित नहीं किए गए, तो कहीं आवेदन में कमियां रहने अथवा अन्य तकनीकी कारणों से पीएफएमएस स्तर पर भुगतान नहीं हो सका। कुछ मामलों में शिक्षण संस्थानों द्वारा समय से परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किए जाने, जनपद स्तरीय समिति में आवेदन लंबित रहने, फीस जमा न होने अथवा अन्य तकनीकी कारणों से भी छात्रों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि नहीं मिल सकी।

मंत्रिमंडल ने अब ऐसे सभी पात्र छात्रों को राहत देने का निर्णय लिया है। सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग सहित अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के पात्र छात्रों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ दिलाने के लिए विशेष मामले के रूप में एक बार फिर छात्रवृत्ति पोर्टल को खोला जाएगा। इसके लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट से 551 करोड़ 85 लाख रुपये की धनराशि व्यय किए जाने की अनुमति भी प्रदान की गई है।

सरकार के इस निर्णय से उन छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी, जो पात्र होने के बावजूद प्रक्रिया संबंधी तकनीकी अथवा अन्य कारणों से वित्तीय वर्ष 2025-26 में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लाभ से वंचित रह गए थे। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र छात्र केवल प्रक्रियागत या तकनीकी कारणों से अपने अधिकार के लाभ से वंचित न रहे।

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