बुलडोजर का खाैफ : मस्जिद में अवैध कब्जे पर समुदाय के लाेगाें ने खुद चलाया हथौड़ा
संभल, 03 जनवरी (हि.स.)। जनपद संभल की सदर तहसील के गांव सलेमपुर सलार उर्फ हाजीपुर में शनिवार को जो नज़ारा दिखा, वह साफ़ संदेश दे गया कि अब सरकारी ज़मीन पर कब्ज़े का खेल नहीं चलेगा। जिस अवैध मस्जिद को गिराने के लिए प्रशासन ने 4 जनवरी की तारीख तय की थी, उसी कार्रवाई से पहले मुस्लिम समुदाय के लोग खुद हथौड़े लेकर अवैध निर्माण तोड़ते नज़र आए।
यह मामला मस्जिद के मुतवल्ली हाजी शमीम से जुड़ा है, जिन पर 439 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर अवैध कब्ज़ा कर मस्जिद निर्माण कराने का आरोप है।
प्रकरण की शुरुआत 14 जून 2018 को दाखिल की गई आख्या से हुई थी। उसी रिपोर्ट के आधार पर तहसीलदार के न्यायालय में सुनवाई चली। वर्षों चली कानूनी प्रक्रिया, साक्ष्यों और दस्तावेज़ों की गहन जांच के बाद अदालत ने फैसला सुनाया कि भूमि सरकारी है और मुतवल्ली को बेदखल किया जाए। इसके बाद प्रशासन ने अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू की।
पहले 1 जनवरी, फिर 3 जनवरी को ध्वस्तीकरण की तारीख तय थी, लेकिन अवकाश के कारण इसे टालकर 4 जनवरी कर दिया गया। प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है इसके चलते इस कार्रवाई को लेकर प्रशासन ने पांच थानों की पुलिस, पीएसी और आरआरएफ की एक-एक कंपनी, 12 लेखपाल, दो कानूनगो की टीम और तीन बुलडोजर तैनात किए गए हैं। जोकि साफ़ संदेश था कि या तो खुद हटाओ, वरना सरकारी कार्रवाई तय है।
प्रशासन की इस तैयारी ने अतिक्रमणकारियों के हौसले तोड़ दिए। नतीजा यह हुआ कि कार्रवाई से पहले ही समुदाय के लोगों ने खुद अवैध ढांचे को गिराने का काम शुरू कर दिया। इस विषय में जानकारी देते हुए तहसीलदार संभल धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि 4 जनवरी की तारीख नियत की गई है अगर इससे पहले वो खुद अवैध कब्जा हटा रहे हैं तो ठीक है वरना प्रशासन की ओर से 4 जनवरी को टीम अवैध निर्माण को ध्वस्त कराएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / Nitin Sagar

