लखनऊ का तथागत बुद्ध विहार बनेगा बौद्ध आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र

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लखनऊ का तथागत बुद्ध विहार बनेगा बौद्ध आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र


बौद्ध विरासत के संरक्षण और पर्यटन विकास पर उप्र सरकार का विशेष जोर : जयवीर सिंह

लखनऊ, 07 जुलाई (हि.स.)। बौद्ध पर्यटन में उत्तर प्रदेश लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। प्रदेश में बढ़ते बौद्ध पर्यटन को देखते हुए योगी सरकार पर्यटन सुविधाओं का तेजी से विस्तार कर रही है। इसी क्रम में लखनऊ के सरोजनी नगर स्थित तथागत बुद्ध विहार का करीब 75 लाख रुपये की लागत से विकास कराया जा रहा है, जिसका लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

श्रद्धालुओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

परियोजना के तहत आधुनिक भवन, सभा हॉल, डॉर्मिटरी (विश्राम गृह), शौचालय, अप्रोच रोड और भव्य प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं। पूरे परिसर को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को साफ-सुथरा, सुरक्षित और बेहतर माहौल मिल सके। डॉर्मिटरी बनने से दूर-दराज और विदेशों से आने वाले बौद्ध अनुयायियों को ठहरने में सुविधा होगी, जबकि सभा हॉल में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि,उत्तर प्रदेश में बौद्ध पर्यटन लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। प्रदेश के बौद्ध स्थलों पर देश-विदेश से श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या हमारी सांस्कृतिक विरासत के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। लखनऊ स्थित तथागत बुद्ध विहार का विकास इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। परियोजना पूरी होने के बाद लखनऊ को बौद्ध पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी।

अपर मुख्य सचिव, संस्कृति, पर्यटन एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने कहा कि,तथागत बुद्ध विहार का पर्यटन विकास कार्य निर्धारित समयसीमा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तेजी से कराया जा रहा है। परियोजना के तहत भवन, सभा हॉल, डॉर्मिटरी, शौचालय, अप्रोच रोड और भव्य प्रवेश द्वार जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

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