ब्रह्मोस को लेकर सवालों की बौछार, ‘काल’ और ‘तेजस्वन’ ने खींचा युवाओं का ध्यान

WhatsApp Channel Join Now

 -डिफेंस पैवेलियन में मिसाइल से ड्रोन तक दिखी यूपी की रक्षा उत्पादन क्षमता

-योगी सरकार की सहयोग और निवेश नीति से प्रदेश में तैयार हो रहा रक्षा उद्योग का आधार

ग्रेटर नोएडा, 26 अक्टूबर। ब्रह्मोस की प्रतिकृति सामने थी और युवाओं के सवाल लगातार जारी थे। मिसाइल की तकनीक से लेकर उसके इस्तेमाल तक जेन जी और जेन अल्फा हर पहलू को समझना चाह रहे थे। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर का पैवेलियन नई पीढ़ी की जिज्ञासा के साथ प्रदेश में आकार ले रही रक्षा उत्पादन क्षमता को भी सामने ला रहा है। यहां मिसाइल से लेकर अत्याधुनिक ड्रोन और सुरक्षा उपकरणों तक रक्षा क्षेत्र में तैयार हो रही तकनीक प्रदर्शित की गई है।

योगी सरकार ने प्रदेश में रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए डिफेंस कॉरिडोर को निवेश और औद्योगिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया है। सरकार की ओर से कंपनियों को मिलने वाले सहयोग और निवेश के लिए तैयार किए गए माहौल का असर ट्रेड शो के पैवेलियन में दिखाई दे रहा है। सरकारी, निजी और अर्धसरकारी क्षेत्र की कंपनियां सैन्य उपयोग के उपकरण और तकनीक लेकर यहां पहुंची हैं। इससे युवाओं को रक्षा क्षेत्र की तकनीक करीब से देखने का अवसर भी मिल रहा है।

कानपुर की कैपिटल एयरगन कंपनी ने बुलेट प्रूफ जैकेट, हेलमेट और सदरी के साथ 9 एमएम, 0.32 बोर, 0.30 बोर, 0.45 बोर और 12 बोर के हथियारों से जुड़े उपकरण प्रदर्शित किए हैं। कंपनी के ऑपरेशनल एंड मार्केटिंग मैनेजर हर्षित द्विवेदी ने बताया कि पिछले वर्ष कंपनी ने ट्रेड शो में हिस्सा लिया था। इसके बाद निजी क्षेत्र के लोगों ने कंपनी से संपर्क किया और कंपनी के वार्षिक कारोबार में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई।

पोखरण में परीक्षण के बाद ट्रेड शो में ‘काल’ का प्रदर्शन
झांसी और नोएडा आधारित आईजी डिफेंस कंपनी का ‘काल’ ड्रोन पैवेलियन के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। कंपनी के अनुसार यह भारत का पहला स्वदेशी लंबी दूरी का वन-वे अटैक ड्रोन है। 21 सितंबर 2026 को राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में इसका सफल परीक्षण किया गया। यह ड्रोन 1000 किलोमीटर तक की दूरी तय करने और 50 किलोग्राम तक पेलोड ले जाने में सक्षम है। नाइट विजन सुविधा के कारण रात में भी तस्वीरें उपलब्ध कराने की क्षमता इसमें है।

आईआईटी कानपुर के सहयोग से तैयार मराल एयरोस्पेस का ‘तेजस्वन’ ड्रोन भी युवाओं को आकर्षित कर रहा है। सौर ऊर्जा से संचालित यह ड्रोन पांच किलोग्राम तक सामग्री ले जाने और 300 किलोमीटर तक उड़ान भरने में सक्षम है। इसके निर्माण दल में शामिल रहे आईआईटी खड़गपुर के छात्र आशीष आनंद और प्रमोद द्विवेदी ने उम्मीद जताई कि जल्द ही तेजस्वन भारतीय सेना के उपयोग में दिखाई देगा।

सेल्फी के साथ तकनीक समझ रहे युवा
ब्रह्मोस एयरोस्पेस के डिप्टी मैनेजर रोहन मिश्रा ने बताया कि ब्रह्मोस की प्रतिकृति युवाओं को खास तौर पर आकर्षित कर रही है। युवा मॉडल के साथ तस्वीरें लेने के अलावा रक्षा तकनीक से जुड़े सवाल भी पूछ रहे हैं। उनकी जिज्ञासाओं का जवाब देने के लिए विशेषज्ञ मौजूद हैं।

डिफेंस पैवेलियन में न्यू स्पेस रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी, गुरुत्व सिस्टम, वास टेस्टिंग सिस्टम, डेटम, डब्ल्यू डब्ल्यू डिफेंस, काली म्यूटेशन और आईडीआर समेत कई कंपनियों ने अपने उत्पाद प्रदर्शित किए हैं। ड्रोन, सुरक्षा उपकरण और रक्षा तकनीक की यह विविधता उत्तर प्रदेश में विकसित हो रहे रक्षा उत्पादन तंत्र की तस्वीर पेश कर रही है। ट्रेड शो में इन उत्पादों की मौजूदगी से प्रदेश की औद्योगिक क्षमता के साथ योगी सरकार की उस नीति का भी प्रदर्शन हो रहा है, जिसमें रक्षा क्षेत्र में निवेश, तकनीकी विकास और कंपनियों को सहयोग के जरिए उत्तर प्रदेश को महत्वपूर्ण रक्षा उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

Share this story