राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों ने वेतन न मिलने के विरोध में किया कार्य बहिष्कार
मुरादाबाद, 23 मई (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों ने दो महीने से वेतन न मिलने के विरोध में शनिवार को कार्य बहिष्कार कर दिया। कर्मचारियों ने नो पे-नो वर्क की नीति अपनाते हुए काम नहीं किया। प्रदेश सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। हड़ताल के कारण कई स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ा और स्वास्थ्य केंद्रों पर ताले लटके रहे। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
एनएचएम कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि जिले में एनएचएम के तहत चिकित्सक, नसिंग स्टाफ, लैब टेक्नीशियन, डाटा ऑपरेटर और अन्य संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं, लेकिन पिछले दो महीने से किसी को वेतन नहीं मिला है। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार वेतन न मिलने से परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। बच्चों की स्कूल फीस, किताबें और घर के खर्च पूरे करने में दिक्कतें आ रही हैं।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कई बार अधिकारियों को ज्ञापन देकर वेतन जारी करने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। इससे कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है। संगठन के पदाधिकारियों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि 25 मई तक लंबित मानदेय जारी नहीं हुआ तो कार्य बहिष्कार किया जाएगा। मांग पूरी न होने पर अब कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी है।
कर्मचारियों ने समान कार्य के लिए समान वेतन, सविदा कर्मियों को डीए और ईपीएफ का लाभ, रिक्त पदों पर स्थानांतरण, कोविड कर्मियों का समायोजन और संविदा कर्मचारी की मृत्यु पर परिवार के सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग भी उठाई है।
संगठन के जिलाध्यक्ष अजीजुर्रहीम का कहना है कि जब तक लंबित वेतन जारी नहीं किया जाता और मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. कुलदीप सिंह का कहना है कि कर्मचारियों की मांगों और वेतन भुगतान के मुद्दे को शासन स्तर पर भेजा गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल

