मुख्यमंत्री याेगी ने भारतेन्दु नाट्य अकादमी के स्वर्ण जयंती समारोह का शुभारम्भ किया

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मुख्यमंत्री याेगी ने भारतेन्दु नाट्य अकादमी के स्वर्ण जयंती समारोह का शुभारम्भ किया


रामायण महाभारत हमारी सांस्कृतिक प्रवाह का हिस्सा : योगी आदित्यनाथ

लखनऊ,05 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भारतेन्दु नाट्य अकादमी की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भारतेंदु नाट्य अकादमी के संपूर्ण भवन व दो प्रेक्षागृहों के जीर्णोद्धार कार्य का लोकार्पण किया। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कलाविदों व पूर्व छात्रों का सम्मान किया और रंगमंच पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय रचित उपन्यास आनंदमठ की नाट्य प्रस्तुति भी देखी।

इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रंगमंच समाज का दर्पण होता है। वह समाज की दिशा तय करती है। रंग मंच वही जहां भावनाएं शब्द बनती हैं और वह शब्द अभिनय बनते हैं। यही अभिनय जनचेतना बनकर समाज को दिशा देते हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रामायण महाभारत हमारी सांस्कृतिक प्रवाह का हिस्सा है हर भारतीय परिवार इसे जीवन का हिस्सा बनाता था। भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ने नाटकों के माध्यम से सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की भावना को बढ़ाने का काम किया। भाषा के लिए काम किया। सच बोलने और करने का साहस नाटकों के माध्यम से किया। भारत की सनातन संस्कृति को बचाने के लिए, मातृभाषा के लिए हिन्दी के लिए, खड़ी बोली के लिए उनका योगदान अतुलनीय है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वोटबैंक पर असर न पड़े इसके लिए महाराजा सूहेलदेव,महाराजा बिजली पासी व रानी लक्ष्मीबाई का नाम नहीं लेते थे। हम अपने नायकों को सम्मान देने से परहेज करते रहे। यही कारण रहा कि पहले हमारे संस्थानों पर माफियाओं को हीरो के रूप में दिखाया जाता था। पहले की सरकार कमजोर थी। सालार मसूद एक माफिया था। महाराजा सुहेलदेव ने विदेशी आक्रांता को मारा'' एक हजार साल बाद हम महाराजा सुहेलदेव का भव्य स्मारक बना सके। संस्कृति पर प्रहार बर्दाश्त नहीं। खलनायकों ने जिन्होंने भारत की संस्कृति को रौंदने का काम किया उन्हें सम्मान नहीं मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गायन, वादन, नृत्य के लिए उत्तर प्रदेश बहुत समृद्ध रहा है। लोककला को आगे बढ़ाने का काम होना चाहिए। महाराजा सूहेलदेव, महाराजा बिजली पासी, महारानी लक्ष्मीबाई के बारे में नायकों व वीरांगनाओं के बारे में लघु नाटक बनाएं। स्कूलों में बच्चों के सामने राष्ट्रभक्ति से जुड़े नाटक का मंचन करायें। इसके लिए संस्कृति विभाग आगे आये। इसके पहले भारतेंदु नाट्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. रतिशंकर त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री का अंगवस्त्र व स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया।

मुख्यमंत्री के हाथों इन्हें मिला सम्मान

किरण बिसारिया, लखीमपुर खीरी,पद्मश्री रामगोपाल बजाज, नई दिल्ली,पद्मश्री डॉ. अनिल रस्तोगी, लखनऊ,प्रो. अजय मलकानी, रांची,रविशंकर खरे, गोरखपुर,चित्रा मोहन, प्रयागराज,मंजू ब्रजनंदन शर्मा सहारनपुर,मुनीश सप्पल मुंबई,डॉ. देवेंद्र कुमार त्रिपाठी प्रयागराज,डॉ. अजीत सैगल, वाराणसी,राकेश निगम, लखनऊ, प्रमोद सिंह राणा, आगरा,आलोक पांडेय, शाहजहांपुर,कुशल दुबे, जौनपुर,राकेश पांडेय, भदोही

इस अवसर पर संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, भातखण्डे विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह,भाजपा के राज्यसभा सदस्य डा.दिनेश शर्मा, विधायक योगेश शुक्ला प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

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