योगी सरकार में हुनर को रोजगार से जोड़ने की डिजिटल पहल, यूपी के 18 मंडलों में शुरू होगा ‘Blue DotsAI’ 

योगी सरकार के दसवें दीपोत्सव की तैयारी तेज, 30 लाख दीपों से जगमगाएगी रामनगरी  सरयू तट के 56 घाटों पर शुरू हुई मार्किंग, शुक्रवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होगा भूमि पूजन  दीप सज्जा के लिए 33 लाख दीपों की व्यवस्था, तीन से चार दिन में पूरी होगी मार्किंग  अवध विश्वविद्यालय जुटाएगा 35 हजार वालंटियर, घाटवार सौंपी जाएगी जिम्मेदारी  अयोध्या, 22 अक्टूबर। रामनगरी अयोध्या एक बार फिर भव्य दीपोत्सव के लिए तैयार हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में आयोजित होने वाले दसवें दीपोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए सरयू तट पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस बार 56 घाटों पर 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए घाटों की साफ-सफाई के बाद मार्किंग का काम शुरू हो चुका है। दीपों की सजावट से लेकर स्वयंसेवकों की तैनाती तक की तैयारियां योजनाबद्ध तरीके से की जा रही हैं। दीपोत्सव की शुरुआत के लिए शुक्रवार को भूमि पूजन होगा।  30 लाख दीपों के लक्ष्य के लिए मंगाए जा रहे 33 लाख दीप  डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एवं दीपोत्सव के नोडल अधिकारी प्रो. संत शरण मिश्र ने बताया कि दीपों को लाने और बिछाने के दौरान कुछ दीप टूट जाते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित करने के लक्ष्य के मुकाबले 33 लाख दीप मंगाए जा रहे हैं। घाटों की साफ-सफाई के बाद योजनाबद्ध तरीके से मार्किंग शुरू कर दी गई है। घाटों पर इस्तेमाल होने वाली सामग्री नगर निगम के रानी हो पार्क के पास रखवाई जा रही है, ताकि तैयारियों को व्यवस्थित ढंग से पूरा किया जा सके।  शुक्रवार सुबह घाट संख्या 10 पर होगा भूमि पूजन  दीपोत्सव के सकुशल और निर्विघ्न आयोजन की कामना के साथ अवध विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से शुक्रवार, 23 अक्टूबर को सुबह 7:30 बजे सरयू तट स्थित घाट संख्या 10 पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन किया जाएगा। अनुष्ठान कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह के कर-कमलों से संपन्न होगा। इसमें विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य और समन्वयक शामिल होंगे।  56 घाटों पर माइक्रो-प्लानिंग से सजेंगे दीप  इस वर्ष विस्तारित राम की पैड़ी, चौधरी चरण सिंह घाट और भजन संध्या स्थल सहित कुल 56 घाटों पर दीप सजाए जाएंगे। इससे पहले दीपोत्सव का आयोजन 55 घाटों पर होता था। प्रो. संत शरण मिश्र ने बताया कि सभी घाटों पर दीयों की व्यवस्थित श्रृंखला बिछाने के लिए माइक्रो-प्लानिंग के तहत काम किया जा रहा है, ताकि तय समयसीमा में तैयारियां पूरी की जा सकें। मार्किंग कमेटी के संयोजक एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार चौधरी ने बताया कि दीपों को सटीक और आकर्षक स्वरूप में सजाने के लिए चार वर्ग फीट के ब्लॉक चिह्नित किए जा रहे हैं। प्रत्येक ब्लॉक में निर्धारित संख्या के अनुसार दीपों की सजावट का खाका तैयार किया जा रहा है। उनकी टीम अगले तीन से चार दिनों में मार्किंग का काम पूरा कर लेगी।  35 हजार वालंटियर संभालेंगे दीप सज्जा की जिम्मेदारी  दीपोत्सव को सफल बनाने के लिए 35 हजार वालंटियर लगाए जाएंगे। इनमें 30 डिग्री कॉलेजों, 40 इंटर कॉलेजों और अवध विश्वविद्यालय परिसर के विद्यार्थी शामिल होंगे। साकेत महाविद्यालय, राजकरण वैदिक पाठशाला इंटर कॉलेज, साहबदीन सीताराम इंटर कॉलेज, मनोहर लाल इंटर कॉलेज, आर्य कन्या इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, शिव सावित्री महाविद्यालय, कैनोसा इंटर कॉलेज, ग्रामर इंटरनेशनल स्कूल, एमआर जयपुरिया स्कूल, बीएस गर्ल्स डिग्री कॉलेज और भगवान आशा बख्श सिंह महाविद्यालय सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी इसमें भागीदारी करेंगे। वालंटियर घाटों पर दीप बिछाने से लेकर उन्हें प्रज्ज्वलित करने तक की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके लिए विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। घाटवार जिम्मेदारियां तय की जाएंगी, जिससे दीप सज्जा का काम व्यवस्थित ढंग से पूरा हो सके।  क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र से होगी वालंटियर की पहचान  लाखों दीप प्रज्ज्वलित कर विश्व कीर्तिमान बनाने की तैयारी के बीच स्वयंसेवकों का ऑनलाइन पंजीकरण अंतिम चरण में है। पंजीकरण पूरा होने के बाद वालंटियर को घाटवार जिम्मेदारियां और पहचान पत्र सौंपे जाएंगे।क्यूआर कोड युक्त पहचान पत्रों पर नाम, फोटो, मोबाइल नंबर, तैनाती स्थल और क्रमांक अंकित रहेगा। इन पर जिला प्रशासन के प्राधिकृत अधिकारी, दीपोत्सव नोडल अधिकारी और संबंधित संस्था के अधिकृत प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर भी होंगे। इससे स्वयंसेवकों की पहचान का सत्यापन आसान होगा और डुप्लीकेसी रोकने में मदद मिलेगी।अवध विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन दीपों की उपलब्धता, घाटों की व्यवस्था, स्वयंसेवकों की तैनाती और सुरक्षा सहित सभी पहलुओं पर मिलकर काम कर रहे हैं। दसवें दीपोत्सव में 30 लाख दीपों से सरयू तट को रोशन करने के लक्ष्य के साथ तैयारियों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
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स्थानीय स्तर पर युवाओं को मिलेंगी नौकरियों की जानकारी, डिजिटल मैप पर दिखेंगी वैकेंसी और हुनरमंद उम्मीदवार

यूपीएसडीएम और एक स्टेप फाउंडेशन के बीच एमओयू, एआई वॉइस बॉट से नौकरी तलाशने और आवेदन में मिलेगी मदद

लखनऊ, 22 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में कौशल विकास को रोजगार से जोड़ने और युवाओं के लिए अवसरों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में तकनीक आधारित पहल को विस्तार दिया जा रहा है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) के ‘Blue DotsAI’ प्लेटफॉर्म को प्रदेश के सभी 18 मंडलों तक पहुंचाने की तैयारी है। इसके माध्यम से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध नौकरियों और हुनरमंद युवाओं को एक साझा डिजिटल मंच पर लाया जाएगा, ताकि युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार तलाशने में आसानी हो और उद्योगों को अपनी जरूरत के मुताबिक योग्य उम्मीदवार मिल सकें।

मिशन निदेशक पुलकित खरे के निर्देशन में गुरुवार को उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और एक स्टेप फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके साथ जून से संचालित इस पहल को औपचारिक रूप से मिशन से जोड़ दिया गया है। यह पहल प्रदेश में कौशल प्रशिक्षण को उद्योगों की वास्तविक मांग से जोड़ने तथा रोजगार तलाशने की प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाने के प्रयासों को गति देगी।

डिजिटल मैप पर दिखेंगी नौकरियां, युवाओं को मिलेगा स्थानीय अवसरों का लाभ

‘Blue DotsAI’ एक डिजिटल डिस्कवरी प्लेटफॉर्म है, जहां मैप के माध्यम से आसपास उपलब्ध नौकरियों और उम्मीदवारों की जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। गाजियाबाद में इसके पायलट प्रोजेक्ट के दौरान 20 से 25 किलोमीटर के दायरे में 25 हजार से अधिक नौकरियों को मैप पर खोजने योग्य बनाया गया है। अब इसी अनुभव के आधार पर प्लेटफॉर्म का विस्तार प्रदेश के सभी 18 मंडलों में करने की योजना है। इसके माध्यम से युवा संबंधित कंपनी, रिक्त पदों की संख्या, शुरुआती वेतन, ओवरटाइम तथा पिक-अप और ड्रॉप जैसी सुविधाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। वहीं, कंपनियां भी अपनी जरूरत के अनुसार उम्मीदवारों के प्रोफाइल तलाश सकेंगी। इससे स्थानीय स्तर पर उपलब्ध रोजगार के अवसरों और प्रशिक्षित युवाओं के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने में मदद मिलेगी।

एमएसएमई और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की जरूरतों पर विशेष फोकस

प्लेटफॉर्म पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल क्षेत्र की नौकरियों को प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। इनमें अपैरल, फूड एंड बेवरेज जैसे क्षेत्रों के साथ वेल्डर, इलेक्ट्रीशियन और मशीन ऑपरेटर जैसे तकनीकी पद भी शामिल होंगे। इससे स्थानीय उद्योगों की मानव संसाधन संबंधी जरूरतों को पूरा करने और युवाओं को उनके कौशल के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

एआई वॉइस बॉट से बोलकर दर्ज करा सकेंगे भर्ती की जरूरत

‘Blue DotsAI’ की प्रमुख विशेषता एआई आधारित वॉइस बॉट है। इसके जरिए कंपनियां और इंडस्ट्री एसोसिएशन हिंदी, अंग्रेजी या अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में बोलकर अपनी भर्ती संबंधी जरूरतें दर्ज करा सकेंगे। इससे वैकेंसी की जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आसान होगी। वहीं, एआई वॉइस बॉट उम्मीदवारों से संपर्क कर उनकी प्रोफाइल के अनुरूप उपलब्ध नौकरियों की जानकारी दे सकेगा। उम्मीदवार की सहमति से आवेदन प्रक्रिया में भी सहायता मिलेगी। इसके साथ काउंसलिंग, मॉक इंटरव्यू और इंडस्ट्री एसोसिएशन के साथ सीधे संवाद की व्यवस्था के माध्यम से युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने पर भी जोर दिया जाएगा।

कौशल विकास से रोजगार तक, युवाओं को मिलेगा तकनीक का सहारा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, रोजगारपरक शिक्षा और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप दक्षता विकसित करने के अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। ‘Blue DotsAI’ इसी दिशा में तकनीक आधारित प्रयास है, जिसके जरिए प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं की क्षमताओं और नियोक्ताओं की जरूरतों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का लक्ष्य है। मिशन निदेशक पुलकित खरे के अनुसार, लक्ष्य यह है कि युवाओं को रोजगार की तलाश में अनावश्यक भटकना न पड़े और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध अवसरों तक उनकी पहुंच आसान हो। डिजिटल मैप, एआई वॉइस बॉट और काउंसलिंग जैसी सुविधाओं के जरिए रोजगार की तलाश और भर्ती प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।

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