रानी दुर्गावती का जीवन राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और पराक्रम का प्रेरणास्रोत: संजय गुप्ता
- भाजपा एसटी मोर्चा ने बलिदान दिवस पर अर्पित की श्रद्धांजलि
प्रयागराज, 24 जून (हि.स)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अनुसूचित जनजाति (एसटी) मोर्चा ने बुधवार को महान वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर सिविल लाइन स्थित पार्टी कार्यालय पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर विभिन्न वक्ताओं ने उनके जीवन पर विचार व्यक्त करते हुए उन्हें भारत की महान नारी शक्ति की संज्ञा दी।
मुख्य वक्ता भाजपा महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा कि अदम्य साहस, अद्वितीय नेतृत्व और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण की प्रतीक वीरांगना रानी दुर्गावती का जीवन राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और पराक्रम का अमर प्रेरणास्रोत है। उनका बलिदान हमें अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, कर्तव्य के प्रति निष्ठा और राष्ट्र के लिए सर्वस्व समर्पण का संदेश देता है। रानी दुर्गावती ने मातृभूमि और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अदम्य साहस के साथ संघर्ष कर अपने पराक्रम से भारतीय इतिहास में अमिट छाप छोड़ी। उनका शौर्यपूर्ण जीवन हमें हर परिस्थिति में साहस और स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने मुगलों के सामने आत्मसमर्पण करने के बजाय मातृभूमि की रक्षा के लिए लड़ते हुए अपने प्राणों का बलिदान देना श्रेष्ठ समझा और 23 जून 1564 को अपने प्राणों की आहुति दे दी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने आदिवासी समाज की इन महान वीरांगना को सम्मान देने का काम किया है। आज रानी दुर्गावती का बलिदान दिवस पूरे देश में मनाया जाता है।
एसटी मोर्चा के महानगर अध्यक्ष राजेश गोंड ने कहा कि भाजपा सरकार में आदिवासी समाज का सम्मान बढ़ा है। इसी समाज से आने वालीं द्रौपदी मुर्मु आज राष्ट्रपति के पद पर आसीन हैं। आदिवासी समाज को आगे बढ़ाने का काम यदि किसी में किया तो वो भाजपा है।
भाजपा मीडिया प्रभारी विवेक मिश्रा ने बताया कि इससे पहले उपस्थित लोगों ने रानी दुर्गावती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस मौके पर एसटी मोर्चा महानगर अध्यक्ष राजेश गोंड, महामंत्री रमेश पासी, डॉ धर्मेंद्र गोंड, अमित गोंड, धीरेन्द्र चौधरी, पूनम सरोज, पूजा गौड़, विनोद कुमार, शंकरलाल धुरिया, विनोद गौड़, राम गौड़, डॉ हीरालाल, सुमित दास, विशाल गौड़, रीता देवी, संदीप कुमार आदि उपस्थित रहे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र

