देवरिया लोकसभा के विकास मॉडल में जनभागीदारी के तहत जुटे बड़े निवेशक

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देवरिया लोकसभा के विकास मॉडल में जनभागीदारी के तहत जुटे बड़े निवेशक


देवरिया लोकसभा के विकास मॉडल में जनभागीदारी के तहत जुटे बड़े निवेशक


- सांसद शशांक मणि के नेतृत्व में निवेशकों का अमृत प्रयास के संकल्पों पर मंथन

- लोकसभा देवरिया और कुशीनगर में निवेश और भागीदारी के इकोसिस्टम पर चर्चा

देवरिया, 04 अप्रैल (हि.स.)। जनभागीदारी के तहत अमृत प्रयास के सफल आयोजन के बाद आज सांसद शशांक मणि के नेतृत्व में ‘अमृत प्रयास’ के तहत देवरिया लोकसभा सहित पूर्वांचल के विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से बरपार स्थित जागृति उद्यम केंद्र में अमृत प्रयास समिट का आयोजन हुआ। जिसमें देश-विदेश से आए बड़े-छोटे उद्यमियों और निवेशक जिसमें फैब इंडिया के फाउंडर विलियम बिसेल, मैनकाइंड फॉर्मा के निदेशक शीतल अरोड़ा टीसीएस, एग्री फर्स्ट के फाउंडर सहित लगभग 40 मेहमान शामिल हुए।

अमृत प्रयास के प्रणेता और देवरिया लोकसभा के सांसद शशांक मणि ने अमृत प्रयास के 10 वर्षीय रणनीति को साझा करते हुए कार्यक्रम में आए गणमान्य उद्यमियों और निवेशकों से कहा कि विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्पों को साकार करने की दिशा में, देवरिया लोकसभा क्षेत्र अमृत प्रयास के 7 संकल्पों के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है।

विकसित देवरिया-कुशीनगर को संकल्पित अमृत प्रयास पर्यावरण और सांस्कृतिक रुप से समृद्ध इन जिलों में आपका निवेश विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करेगा। सांसद ने उद्यमियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि यहां पूर्वांचल के जिले हर संभव मदद देने के लिए तत्पर हैं। उन्हाेंंने कहा कि अमृत प्रयास के 7 संकल्प हैं। नकदी फसल और एग्रोप्रॉसेसिंग में प्रयास, उद्यमियों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए प्रोत्साहन,. महिला सशक्तिकरण एवं उद्यमिता के लिए प्रोत्साहन, पर्यटन, शिक्षा स्वास्थ्य और स्वास्थ्य संस्थाओं के लिए प्रोत्साहन और प्रयास संकल्प, अनुकूल शहरीकरण के लिए प्रोत्साहन एवं प्रयास, स्थानीय स्तर पर डिजिटल उपयोग को बढ़ाने का प्रयास एवं पर्यावरण को संरक्षित रखते हुए विकास के लिए प्रोत्साहन और प्रयास।

उन्होंने बताया कि 3 से 5 अप्रैल तक चलने वाले अमृत प्रयास समिट में देवरिया की धरती पर आए उद्यमियों ने सांसद शशांक मणि के नेतृत्व में अलग-अलग सेशन के माध्यम से देवरिया-कुशीनगर समेत पूर्वांचल में निवेश की संभावनाओं पर मंथन किया।

इस समिट में सांसद ने प्रथम संकल्प के विस्तार, जिसमें किसानों को आधुनिक तकनीक, भंडारण, क्रेडिट और बाजार से जोड़ने की दिशा में हो रहे काम से अवगत कराया। साथ ही द्वितीय संकल्प के तहत उद्यमिता के माध्यम से युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए पांच विधानसभाओं में जनभागीदारी से एक मजबूत इकोसिस्टम बनाने की बात साझा की। इसके साथ ही सरकार की भागीदारी के माध्यम से अमृत प्रयास के महत्वपूर्व कदमों को साझा करते हुए देवरिया अमृत रेलवे स्टेशन, देवरिया बाईपास, नारायणी रॉकेट सेंटर एवं सांस्कृतिक पर्यटन के लिए मां देवरही मंदिर के जीर्णोद्धार जैसी पहलों की भी चर्चा की।

सांसद ने स्वावलंबी भारत अभियान में जागृति उद्यम केंद्र की भागीदारी की सराहना की। समिट के अगले चरण में देवरिया लोकसभा सहित पूर्वांचल में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसमें भूमि, स्वीकृतियां और प्रशासनिक सहयोग और जनभागीदारी जैसे विषय प्रमुख रहे। इसके साथ ही इस क्षेत्र में रक्षा, अंतरिक्ष और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों में भविष्य की संभावनाओं को भी प्रस्तुत किया गया। सम्मेलन के दौरान ‘क्लोज्ड डोर इन्वेस्टर सर्किल’ भी आयोजित हुआ, जिसमें निवेशकों और नीति निर्माताओं के बीच आगे की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श हुआ।

इस दौरान, फैबइंडिया के चेयरमैन विलियम बिसेल, मैनकाइंड फार्मा के सीईओ शीतल अरोड़ा, बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप के प्रतिनिधि, सलाहकार के रुप में रिटायर्ड आईएएस चितरंजन खेतान, पीडब्ल्यूसी के संजय तोलिया, सीमेंस के काकती कौस्तव, गेट्स फाउंडेशन की निधि श्रीनिवास, आईसीआईसीआई के सीएमओ सुजीत गांगुली, टीसीएस की वसंथ प्रिया समेत कई जाने माने लोग मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक

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