बीबीएयू में व्यावसायिक शिक्षा पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू

WhatsApp Channel Join Now
बीबीएयू में व्यावसायिक शिक्षा पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू


लखनऊ, 07 सितंबर (हि.स.)। बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-विद्यालयी शिक्षा (एनसीएफ-सीई) 2023 के अनुरूप मध्य स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों का पांच दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम सोमवार को शुरू हुआ। कार्यक्रम का आयोजन बीबीएयू, पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान (पीएसएससीआईवीई), एनसीईआरटी और शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में पीएसी 21.14 के तहत किया जा रहा है। प्रशिक्षण सोमवार 07 से 11 सितंबर तक चलेगा।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों से करीब 100 शिक्षक और कौशल प्रशिक्षक हिस्सा ले रहे हैं। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि अपर राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा विष्णु कांत पांडेय ने एनसीएफ-सीई 2023 के अनुरूप विद्यार्थियों को उपयोगी और प्रासंगिक कौशल से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करने की आवश्यकता रेखांकित की।

विशिष्ट अतिथि एचसीएल फाउंडेशन के उप महाप्रबंधक योगेश कुमार ने कौशल आधारित शिक्षा को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत बताई। बीबीएयू की इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के अध्यक्ष प्रो. नवीन कुमार अरोड़ा ने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा के सफल क्रियान्वयन में शिक्षकों का प्रभावी क्षमता निर्माण अहम है।

पीएसएससीआईवीई, एनसीईआरटी के संयुक्त निदेशक प्रो. दीपक पालिवाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और एनसीएफ-एसई 2023 की अवधारणा को अनुभवात्मक अधिगम में बदलने में शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम समन्वयक प्रो. शैलजा दीक्षित ने बताया कि प्रशिक्षण में व्यावहारिक और अनुभवात्मक अधिगम पर विशेष जोर दिया जाएगा। कौशल-आधारित बैगलेस दिवस, कौशल बोध और My Career Advisor App के माध्यम से शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने तथा विद्यार्थियों को व्यावहारिक कौशल और बेहतर करियर विकल्पों के लिए तैयार करने पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रो. पंकज मेहता ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कौशल एवं व्यावसायिक शिक्षा की बढ़ती उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उद्घाटन सत्र का समापन डॉ. अर्पित शैलेश के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस दौरान विश्वविद्यालय के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, अधिकारी और विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए शिक्षक मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा

Share this story