हाथरस : बंदर और स्ट्रीट डॉग्स के हमले बढ़े, लोगों ने उठाई पकड़ने की मांग

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हाथरस : बंदर और स्ट्रीट डॉग्स के हमले बढ़े, लोगों ने उठाई पकड़ने की मांग


सीएचसी हाथरस में 100 से ज्यादा लोग रोजाना पहुंच एआरबी लगवाने

हाथरस, 21 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में बंदरों और स्ट्रीट डॉग्स (कुत्ते) का आतंक एक बार फिर बढ़ गए हैं। मोहल्ला रतनपुरी में हालात इतने खराब हैं कि लोग घरों से बाहर निकलने में भी डरने लगे हैं। बंदरों के हमलों से प्रतिदिन लोग घायल हो रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, लगभग एक वर्ष पहले नगर पंचायत ने बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई की थी, जिससे कुछ समय के लिए राहत मिली थी। हालांकि, धीरे-धीरे बंदरों की संख्या फिर बढ़ गई है और अब वे पहले से अधिक आक्रामक हो गए हैं। रतनपुरी मोहल्ले में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बताई जा रही है, जहां लगभग हर घर का कोई न कोई सदस्य बंदरों के हमले का शिकार हो चुका है। बंदरों के डर से बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग घरों से बाहर निकलने में हिचकिचा रहे हैं। छतों पर कपड़े सुखाना, बच्चों का बाहर खेलना और रोजमर्रा के अन्य काम करना भी मुश्किल हो गया है। कई बार बंदर घरों में घुसकर सामान को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इन घटनाओं के परिणामस्वरूप, बंदरों और आवारा कुत्तों के काटने के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। इसका सीधा असर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर दिख रहा है, जहां प्रतिदिन 100 से 120 लोग एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरबी) लगवाने पहुंच रहे हैं। मंगलवार को दोपहर 2 बजे तक ही लगभग 100 मरीजों को एआरबी इंजेक्शन लगाए जा चुके थे।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. दानवीर सिंह ने बताया कि अस्पताल में एंटी रैबीज स्ट्रेन वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी मरीजों को समय पर टीके लगाए जा रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मदन मोहन राना

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