इर्री के वाराणसी केंद्र में बांदा विश्वविद्यालय के छात्रों ने भ्रमण किया

इर्री के वाराणसी केंद्र में बांदा विश्वविद्यालय के छात्रों ने भ्रमण किया
इर्री के वाराणसी केंद्र में बांदा विश्वविद्यालय के छात्रों ने भ्रमण किया


इर्री के वाराणसी केंद्र में बांदा विश्वविद्यालय के छात्रों ने भ्रमण किया


- मूल्यवर्धित चावल और चावल आधारित उत्पादों में दिखाई रूचि,संस्थान में अत्याधुनिक सुविधाओं को देखा

वाराणसी,03 अप्रैल (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (इर्री) के वाराणसी स्थित दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र (आइसार्क) में बुधवार को बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छात्रों ने भ्रमण किया। बीयूएटी, बागवानी बी.एससी. (ऑनर्स) के लगभग 100 छात्रों ने आईसार्क में भ्रमण के दौरान संस्थान में अत्याधुनिक सुविधाओं को देखा।

चावल-अनुसंधान के क्षेत्र में चल रहे विकास का प्रत्यक्ष अनुभव छात्रों ने किया। इसके अलावा धान की विभिन्न किस्मों का तेजी से विकास करने के लिए स्थापित स्पीड ब्रीड सुविधा और मूल्यवर्धित चावल और चावल-आधारित उत्पादों के विकास के लिए उत्पाद विकास और संवेदी प्रयोगशाला में छात्रों की रूचि दिखी।

केन्द्र के निदेशक डॉ. सुधांशु सिंह ने बताया कि आइसार्क ने ज्ञान साझा करने और क्षमता विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की दिशा में राज्य के कई प्रमुख कृषि विश्वविद्यालयों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। हमने अप्रैल 2023 में बीयूएटी के साथ एक समान समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसमें जर्मप्लाज्म लक्षण वर्णन, सुधार, आउट स्केलिंग, फसल और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, डिजिटल उपकरणों को नियोजित करने के साथ-साथ वैज्ञानिकों, छात्रों का त्वरित आदान-प्रदान, मूल्य श्रृंखला और बाजार अन्वेषण और अन्य सामाजिक-आर्थिक अनुसंधान और क्षमता निर्माण करने की गतिविधियों पर सहयोग बढ़ाने के लिए आमंत्रित किया गया।

इस तरह की पहल छात्रों को प्रासंगिक ज्ञान से लैस करके और उन्हें कृषि अनुसंधान और नवाचार में करियर बनाने के लिए प्रेरित करके कृषि के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। युवाओं को कृषि अनुसंधान और विकास से संबंधित जानकारी देने के लिए आईसीएआर स्टूडेंट रेडी कार्यक्रम के तहत इस यात्रा का आयोजन किया गया। स्टूडेंट रेडी (ग्रामीण उद्यमिता जागरूकता विकास योजना) कार्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की एक नई पहल है, जो कृषि और संबद्ध विषयों के स्नातकों को रोजगार सुनिश्चित करने और उभरते ज्ञान-गहन कृषि के लिए उद्यमियों को विकसित करने के लिए पुनर्जीवित करती है।

हिन्दुस्थान समाचार/श्रीधर/मोहित

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