बालवाटिका के बच्चों की शिक्षा को मिलेगी नई पहचान, यू-डायस पोर्टल पर दर्ज होगा विवरण

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बालवाटिका के बच्चों की शिक्षा को मिलेगी नई पहचान, यू-डायस पोर्टल पर दर्ज होगा विवरण


लखनऊ, 13 अक्टूबर (हि.स.)। प्रदेश में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को व्यवस्थित और सुदृढ़ बनाने के क्रम में बालवाटिकाओं में नामांकित बच्चों का विद्यार्थीवार विवरण डिजिटल पोर्टल पर दर्ज करने की प्रक्रिया तेज की जा रही है। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परिषदीय प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों में संचालित बालवाटिकाओं और को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित बच्चों का विवरण यू-डायस प्लस पोर्टल पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शत-प्रतिशत दर्ज कराया जाए। इसके लिए 15 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है।

निर्देशों में डेटा एंट्री के दौरान सावधानी बरतने, विवरण का सत्यापन करने और विकासखंडवार प्रगति की नियमित समीक्षा करने पर विशेष जोर दिया गया है। पत्र में वरिष्ठ विशेषज्ञ (प्री-प्राइमरी), समग्र शिक्षा तथा मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों को भी डेटा की गुणवत्ता का नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके माध्यम से बालवाटिकाओं में नामांकित बच्चों का विवरण व्यवस्थित रूप से दर्ज करने और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा कराने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

स्टूडेंट मॉड्यूल में दर्ज होगा बच्चों का विवरण

यू-डायस प्लस पोर्टल के स्टूडेंट मॉड्यूल के सेक्शन-4 ‘स्टूडेंट डिटेल्स’ में बालवाटिकाओं एवं सह-स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित बच्चों का विद्यार्थीवार विवरण दर्ज किया जाएगा। यह प्रक्रिया भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सांख्यिकी ब्यूरो के कार्यालय ज्ञापन के संदर्भ में आगे बढ़ाई जा रही है।

डेटा एंट्री में शुद्धता पर विशेष जोर

महानिदेशक ने निर्देश दिए हैं कि संबंधित बच्चों के विवरण का सत्यापन करते हुए पोर्टल पर शत-प्रतिशत डेटा दर्ज किया जाए। प्रविष्टि के दौरान विशेष सावधानी बरतने और त्रुटिरहित जानकारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है, ताकि पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़े विश्वसनीय एवं उपयोगी बने रहें।

15 दिनों में पूरा करना होगा कार्य

सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि कार्य को प्राथमिकता देते हुए अपने स्तर से विकासखंडवार प्रगति की नियमित समीक्षा करें और 15 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत डेटा एंट्री पूरी कराना सुनिश्चित करें। निर्देशों के अनुपालन के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों तथा संबंधित अधिकारियों के समन्वय पर भी जोर दिया गया है।

बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने जारी बयान में कहा कि बालवाटिका के बच्चों का व्यवस्थित डेटा प्रारंभिक शिक्षा की बेहतर योजना बनाने और बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को समझने में सहायक होगा। सरकार गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन

Livevns.news Desk
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