श्रावण माह के प्रथम सोमवार पर शिवमय हुआ बलरामपुर, शिव मंदिरों पर भारी भीड़

WhatsApp Channel Join Now
श्रावण माह के प्रथम सोमवार पर शिवमय हुआ बलरामपुर, शिव मंदिरों पर भारी भीड़


श्रावण माह के प्रथम सोमवार पर शिवमय हुआ बलरामपुर, शिव मंदिरों पर भारी भीड़


बलरामपुर,03 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में श्रावण माह के प्रथम सोमवार पर जनपद के सभी छोटे-बड़े शिवालयों में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के भोर से ही हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से पूरा जनपद शिवमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और विश्व कल्याण की कामना की।

जनपद के प्रमुख शिवालयों में शक्तिपीठ देवीपाटन परिसर स्थित चंद्रशेखर महादेव मंदिर, बलरामपुर नगर का झारखंडेश्वर महादेव मंदिर, पचपेड़वा स्थित शिवगढ़ धाम, तुलसीपुर देहात का ऐतिहासिक जोड़ग्गा पोखरा शिव मंदिर, उतरौला का दुखहरण नाथ मंदिर, जरवा-जनकपुर स्थित महादेव मंदिर समेत अन्य शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।

बलरामपुर और उतरौला क्षेत्र के श्रद्धालु पवित्र राप्ती नदी से तथा तुलसीपुर क्षेत्र के श्रद्धालु सिरिया नदी से जल भरकर संकल्प के साथ पैदल यात्रा करते हुए विभिन्न शिव मंदिरों में पहुंचे और भगवान शिव का विधि-विधान से जलाभिषेक किया। बड़ी संख्या में कांवड़िए भी बोल बम के जयघोष के साथ अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे।

तुलसीपुर क्षेत्र में स्थित शक्तिपीठ देवीपाटन परिसर के चंद्रशेखर महादेव मंदिर में तड़के भोर से ही दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हो गया। महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बुजुर्गों सहित दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने सिरिया नदी से जल भरकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया।

वहीं, नगर के अंतिम छोर पर तुलसीपुर देहात स्थित ऐतिहासिक जोड़ा पोखरा शिव मंदिर में भी श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा है। इसके अलावा अनेक श्रद्धालु श्रावस्ती के विभूतिनाथ मंदिर, पचपेड़वा स्थित शिवगढ़ धाम तथा देवीपाटन मंदिर में दर्शन-पूजन के उपरांत पैदल यात्रा करते हुए विभिन्न शिवालयों के लिए रवाना हो रहे हैं।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। सभी प्रमुख शिव मंदिरों, कांवड़ मार्गों एवं संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। मंदिरों पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / प्रभाकर कसौधन

Share this story