बलिया में आरएसएस के पथ संचलन पर हुई पुष्प वर्षा


बलिया, 30 मार्च (हि.स.)। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के अवसर पर रविवार को नगर के सतीशचन्द्र स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय के खेल के मैदान से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों द्वारा पूर्ण गणवेश में पथ संचलन का आयोजन किया गया। संचलन के दौरान जगह-जगह शहर के लोगों व मातृशक्तियों द्वारा स्वयंसेवकों पर पुष्पवर्षा की गई। इस दौरान भारत माता की जय व कौन चले भाई कौन चले, भारत माँ के लाल चले का उदघोष लगाया गया।
पथ संचलन सतीशचन्द्र महाविद्यालय के खेल के मैदान से प्रारम्भ होकर नारायणी टाकीज, नया चौक, रामलीला मैदान, एलआईसी तिराहा, हनुमानगढ़ी मन्दिर, महाराजा अग्रसेन मार्ग (विजय सिनेमा रोड), चौक, सेनानी उमाशंकर सिंह चौराहा, विशुनीपुर, चित्तू पाण्डेय चौराहा, रेलवे स्टेशन, मालगोदम रोड होते हुए वापस सतीशचन्द्र महाविद्यालय के खेल के मैदान पहुंचा। जहां समारोह के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
संचलन से वापस आने के बाद कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रान्त प्रचारक रमेश, जिला संघचालक भृगुजी व कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. धनन्जय प्रसाद द्वारा दीप प्रज्ववलन व पुष्पार्चन हुआ। मुख्य अतिथि प्रान्त प्रचारक रमेश ने इस उत्सव की विशेषताओं को बताते हुए कहा कि भारतीय नव वर्ष की शुरुआत चैत्र के महीने से होती है। अर्थात चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 'भारतीय काल गणना' का प्रथम दिन अर्थात नववर्ष का प्रारम्भ दिवस होता है। मान्यता है कि इसी दिन सृष्टि की रचना भी हुई थी। इसी दिन भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक भी हुआ था। इसी दिन विक्रमादित्य द्वारा शकों पर पूर्ण विजय प्राप्त करने के उपलक्ष्य में विक्रमी सम्वत का प्रारम्भ हुआ। इसी दिन स्वामी दयानन्द सरस्वती द्वारा आर्य समाज की स्थापना की गईं। वर्ष प्रतिपदा का मुहूर्त सभी शुभ कार्यों को प्रारम्भ करने के लिए उचित माना जाता है।
उन्होंने कहा कि वर्ष प्रतिपदा का दिन संघ के स्वयं सेवकों के लिए अति महत्वपूर्ण होता है। क्योंकि वर्ष प्रतिपदा के दिन ही संघ संस्थापक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार का जन्म भी हुआ था। इसीलिए संघ का यह उत्सव वर्ष प्रतिपदा के दिन मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि साल में एकमात्र ये ऐसा दिन होता है जब स्वयंसेवक संघ के संस्थापक को आद्य सरसंघचालक प्रणाम करते हैं।
उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवारजी द्वारा 1925 में विजयादशमी के दिन संघ की स्थापना की थी जो विजयादशमी 2025 में सौ वर्ष का हो जाएगा। कुछ स्वयंसेवकों के साथ शुरुआत किया गया जो आज विश्वव्यापी बन गया है। आज विश्व सभी कार्य के लिए संघ की तरफ देख रहा है।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में बलिया के प्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. धनन्जय प्रसाद ने नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमें एक जनवरी को मनाए जाने वाले अंग्रेजी नववर्ष त्योहार को ज्यादा महत्व न देकर हिंदू नव वर्ष को ही धूमधाम से मनाना चाहिए।
अंत में संघ प्रार्थना के बाद कार्यक्रम का समापन हुआ। अतिथियों का परिचय जिला कार्यवाह अरुण मणि व आभार कार्यक्रम प्रमुख जिला संयोजक पर्यावरण संरक्षण मारुति नन्दन ने किया। कार्यक्रम के मुख्य शिक्षक जिला शारीरिक शिक्षण प्रमुख चन्द्रशेखर थे। एकल गीत सह जिला सेवा प्रमुख अनूप द्वारा कराया गया। कार्यक्रम में सह जिला संघचालक डॉ. विनोद सिंह, सह नगर संघचालक परमेश्वरनश्री, विभाग प्रचारक अम्बेश, सह विभाग कार्यवाह हरनाम, जिला प्रचारक अखिलेश्वर, सह जिला कार्यवाहद्वय सौरभ पांडेय, सौरभ परिहार, नगर कार्यवाह रवि, नगर प्रचारक गगन सहित हजारों कार्यकर्ता व स्वयंसेवक बन्धु उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / नीतू तिवारी