... जब अपने ही बेटे को पहचान नहीं पाए थे रामगोविंद चौधरी

WhatsApp Channel Join Now
... जब अपने ही बेटे को पहचान नहीं पाए थे रामगोविंद चौधरी


बलिया, 27 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता रामगोविंद चौधरी अपने पांच साल के बेटे को पहली बार पहचान नहीं पाए थे। स्व. चौधरी के फक्कड़ स्वभाव के किस्से उनके देहांत के बाद अब लोगों के बीच चर्चा में हैं।

रविवार को पैतृक गांव गोसाईंपुर में अंतिम संस्कार के दौरान दिग्गज समाजवादी रामगोविंद चौधरी के एक पट्टीदार धर्मराज यादव ने बताया कि आपात काल में ही रंजीत का जन्म हुआ था। तब रामगोविंद छात्र नेता थे और जेपी आंदोलन में शामिल थे। हाल ही में उनका विवाह भी हुआ था। उनके बेटे रंजीत चौधरी के जन्म के बाद ही आपात काल के दौरान गिरफ्तारी का वारंट आया तो रामगोविंद फरार हो गए और पता चला कि गिरफ्तार हो गए। जेल से छूटने के बाद भी वे चंद्रशेखर के संपर्क में रह कर राजनीति में इतने मशगूल हो गए कि घर की सुध नहीं लेते थे। करीब पांच साल बाद वापस विधायक बन कर लौटे। तब उनका बेटा रंजीत घर पर खेल रहा था। जिसे देख उन्होंने पूछा कि ये कौन लड़का है,तो वहां मौजूद घर परिवार के लोगों ने कहा था कि ये आपका ही लड़का है। आठ बार विधायक रहे रामगोविंद चौधरी के जीवन से जुड़े अनेक किस्से लोगों को रोमांचित करते हैं। अंतिम संस्कार में शामिल होने आए हजारों लोगों की जुबान पर रामगोविंद चौधरी से जुड़ी कोई न कोई ऐसी कहानी जरूर थी जो उन्हें औरों से अलग करती है।

हिन्दुस्थान समाचार / नीतू तिवारी

Share this story