जेपी के सिपाही व पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी का लखनऊ में निधन
बलिया, 25 सितंबर (हि.स.)। बलिया के दो विधानसभा क्षेत्रों चिलकहर से पांच व बांसडीह से तीन बार विधायक और यूपी विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष रहे समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता रामगोविंद चौधरी का शुक्रवार की रात नौ बजे लखनऊ के पीजीआई में 73 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे।
राजनीति की नर्सरी छात्रसंघ से निकले और जेपी आंदोलन की आग में तपे खांटी समाजवादी नेता यूपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे रामगोविंद चौधरी के निधन से मूल्यों की राजनीति में एक शून्य पैदा हो गया है। संपूर्ण क्रांति के प्रणेता जयप्रकाश नारायण तथा पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर के सानिध्य में सक्रिय राजनीति की शुरुआत करने वाले रामगोविंद चौधरी समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के सबसे करीबी नेताओं में गिने जाते रहे।
बलिया के सिकंदरपुर कस्बे के निकट गोसाईंपुर में जन्मे और 1974 में टीडी कालेज छात्रसंघ अध्यक्ष रहे रामगोविंद चौधरी 1977 में पहली बार विधायक चुने गए थे। वे सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की सरकारों में कैबिनेट मंत्री भी रहे थे। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के भी करीबी रहे। चंद्रशेखर के ही इशारे पर वे सजपा छोड़कर मुलायम सिंह यादव की समाजवादी पार्टी में शामिल हुए थे। उनके करीबी और बलिया समाजवादी पार्टी के जिला प्रवक्ता सुशील कुमार पांडेय ने बताया कि रामगोविंद चौधरी का पार्थिव शरीर शनिवार को बलिया लाया जाएगा। उन्होंने चौधरी के निधन को सपा के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
हिन्दुस्थान समाचार / नीतू तिवारी

