एक देश एक शिक्षा व्यवस्था के लिए आगे आएं : अश्विनी उपाध्याय

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एक देश एक शिक्षा व्यवस्था के लिए आगे आएं : अश्विनी उपाध्याय


एक देश एक शिक्षा व्यवस्था के लिए आगे आएं : अश्विनी उपाध्याय


बलिया, 04 सितंबर (हि.स.)। बलिया में शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रीय एकता मंच के तत्वाधान में शुक्रवार शाम को टीडी कालेज के मनोरंजन सभागार में शिक्षक सम्मान समारोह और शैक्षिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि देश बदलने के लिए एक देश एक शिक्षा व्यवस्था करनी होगी।

उन्होंने कहा कि अब जरूरत है कि इस देश में शिक्षा व्यवस्था कैसे अच्छी हो, इस पर व्यापक रूप से चर्चा हो। प्राचीन शिक्षा का हवाला देते हुए कहा कि प्राचीन शिक्षा के तहत देश में बाजी राव पेशवा जैसे योद्धा निकलते थे। अब की शिक्षा व्यवस्था का हाल है कि देश में बलात्कार की घटनाएं बढ़ रही हैं। परिवार टूट रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था को माफिया ने हाईजैक कर लिया है। इसे बदलने की जरूरत है। अलग-अलग शिक्षा व्यवस्था के कारण देश पिछड़ रहा है। कहा कि बलिया से अंग्रेजों के खिलाफ पहली चिंगारी निकली थी। अंग्रेजों को वापस भेजे जाने को लेकर देश में लोगों के उद्देश्य अलग-अलग थे। लेकिन मंगल पांडेय को क्या बनना था। कुछ नहीं। देश के लिए उन्होंने अपना बलिदान क्यों दिया। इस पर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने देश को आजादी सिर्फ इसलिए दिलाई, क्योंकि उनका मकसद देश को अंग्रेजों के जबड़े से मुक्त कराना था। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने भारत की पुरानी पहचान मिटाई। लेकिन देश को आजाद हुए इतने वर्ष हो गए मुगलों और अंग्रेजों की निशानियाँ आज भी कायम हैं। कहा कि बलिया प्राचीन काल में बलियाग था। अंग्रेजों ने इसे बलिया किया था। देश को आज सबसे बड़ी आवश्यकता अपनी जड़ों से जुड़ने की है। दुनिया में वही देश आज आगे हैं जो अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं।

उन्होंने कहा कि देश का आम आदमी परेशान क्यों है, इसकी चिंता किसी को नहीं। देश में तमाम घटिया कानून हैं जो देश की सामाजिक समरसता के लिए उचित नहीं हैं। भारत में पांच करोड़ मुकदमे लंबित हैं। यह खराब कानूनों के कारण है। आज देश को एक बार फिर मंगल पाण्डेय की जरूरत है। हर राज्य और हुए जिले में मंगल पाण्डेय चाहिए। देश को सुरक्षित रखने के लिए भ्रष्टाचार खत्म करना पड़ेगा। इसके लिए देश में बड़े नोट बंद करने होंगे। इसके पहले मुख्य अतिथि सीडीओ आलोक कुमार व मुख्य वक्ता अश्विनी उपाध्याय ने उत्कृष्ट शिक्षकों को अंग वस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। लोक गायिका वैष्णवी राय ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि बीएसए मनीष सिंह, दिग्विजय सिंह, जनार्दन राय, आरएसएस के विभाग प्रचारक अंबेश जी व डा. पीएन सिंह आदि थे। अध्यक्षता पूर्व प्राचार्य डा. अशोक पांडेय व संचालन अरविंद शुक्ल ने किया। आभार राष्ट्रीय एकता मंच के संयोजक करुणानिधि तिवारी ने प्रकट किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / नीतू तिवारी

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